उत्तराखंड में भारी बारिश का तांडव: 4 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल बंद और यात्रा पर रोक उत्तराखंड एक महीने पहले 51
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। खराब मौसम के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई है।

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ा

उत्तराखंड में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 20 जुलाई को लेकर प्रदेश के कई इलाकों में गंभीर चेतावनी जारी की है। भारी बारिश के चलते प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए कई जिलों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया है।

इन 4 जिलों के लिए रेड अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के 4 जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार और नैनीताल के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को बिजली गिरने और अचानक आने वाली तेज बौछारों के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है।

7 जिलों में भारी बारिश का साया

रेड अलर्ट वाले जिलों के अलावा राज्य के 7 अन्य जिलों में भी मौसम का कहर जारी है। इन जिलों में टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ शामिल हैं, जहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां भी लोगों को सुरक्षित रहने को कहा गया है।

स्कूल बंद और यात्रा पर असर

खराब मौसम और सुरक्षा कारणों के मद्देनजर टिहरी जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। वहीं, चारधाम यात्रा पर भी इसका असर दिख रहा है। केदारनाथ जाने वाले पैदल मार्ग पर भूस्खलन होने के कारण यात्रा बाधित हुई है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सतर्क रहने की अपील

अगले 24 घंटे के लिए प्रशासन ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया है। जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और पहाड़ों पर यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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