पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और वरिष्ठ अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, आपराधिक अवमानना की कार्रवाई पर फिलहाल रोक पंजाब 47 मिनट पहले 6
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह मामला सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान से संबंधित है।

सुप्रीम कोर्ट से अधिकारियों को मिली राहत

शीर्ष अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा अधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है।

महंगाई भत्ते और राहत के बकाया का मामला

यह पूरा कानूनी विवाद राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के बकाया की अदायगी से जुड़ा हुआ है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना प्रक्रिया शुरू की थी।

उच्च न्यायालय का आदेश और अवमानना का घटनाक्रम

पूर्व में 3 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वह अपने सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को DA और DR की सभी लंबित किस्तों का भुगतान जल्द से जल्द करे। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा था कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता उसी दर पर दिया जाना चाहिए, जिस दर से पंजाब में तैनात IAS, IPS और IFS अधिकारियों को दिया जा रहा है।

राज्य सरकार की तरफ से आदेश का समय पर पालन न होने के कारण हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के अधिकारियों के खिलाफ सिविल अवमानना और आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी थी। इस पूरी प्रक्रिया और आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने अवमानना की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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