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एक घंटा पहले
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दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी
शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद मौसम विभाग ने शहर के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आज यानी शनिवार और कल रविवार को दिल्ली में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान, आसमान में बिजली कड़कने और हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहने की आशंका है। दिल्ली के अलावा मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में अगले एक सप्ताह तक मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए अलर्ट जारी किया है, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कई जिले भी शामिल हैं।
क्यों बढ़ रही है बारिश की सक्रियता
बारिश के फिर से रफ्तार पकड़ने के पीछे का मुख्य कारण मॉनसून ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति के पास होना है। इसका पूर्वी सिरा वर्तमान में सामान्य स्थिति के उत्तर की ओर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 2 दिनों के दौरान यह पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगा, जिससे 5 से 11 सितंबर के बीच उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर गरज-चमक और बिजली के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, और 6 से 8 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत के शेष इलाकों में भी गरज और बिजली के साथ मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान जताया गया है।
11 सितंबर तक कहां-कहां बरसेंगे बादल
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राज्यवार बारिश का विवरण जारी किया है:
- उत्तराखंड में 5 से 7 सितंबर और फिर 10 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 5 से 8 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा।
- राजस्थान के कुछ इलाकों में 6 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।
- मध्य प्रदेश में 5 से 11 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के दौरान बिजली के साथ तेज बारिश हो सकती है।
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 11 सितंबर के बीच, जबकि झारखंड और बिहार में 8 से 11 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
- ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है।
- पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के बीच अच्छी बारिश होगी, जबकि असम और मेघालय में 5 से 7 और 10 से 11 सितंबर के बीच बारिश का असर दिखेगा।
- कोंकण और गोवा में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र तथा कच्छ में 5 से 11 सितंबर के बीच छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है।
- लक्षद्वीप में 9 से 11 सितंबर और तटीय कर्नाटक में 8 से 11 सितंबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना है।
मछुआरों के लिए विशेष परामर्श
समुद्र के बिगड़ते हालातों को देखते हुए मछुआरों को चेतावनी जारी की गई है। 5 और 9 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर के पास, 6 से 9 सितंबर के बीच पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम अरब सागर में, तथा 8 सितंबर को सोमालिया तट के निकट वाले हिस्सों में मछली पकड़ने के लिए समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।
मानसून के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां
सुरक्षा के लिहाज से मौसम विभाग और प्रशासन ने आम जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
- घर से बाहर निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी जरूर लें और यातायात नियमों का पालन करें।
- जल-जमाव वाले निचले इलाकों में जाने से बचें।
- बिजली के तारों और खंभों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
- भारी बारिश के दौरान घर के अंदर रहें, खिड़की और दरवाजे बंद रखें। अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
- यदि आप बाहर हैं, तो सुरक्षित आश्रय ढूंढें। कभी भी पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- कंक्रीट के फर्श पर लेटने या कंक्रीट की दीवारों के सहारे खड़े होने से परहेज करें क्योंकि ये बिजली के झटके के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग हटाकर रखें ताकि उन्हें नुकसान न हो।
- जलमग्न रास्तों या पानी वाली जगहों से दूर रहें क्योंकि वहां बिजली के झटके का खतरा रहता है।
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