रक्षाबंधन पर भाई के लिए घर पर बनाएं शुद्ध और स्वादिष्ट पेड़ा, बाजार की मिलावटी मिठाइयों को कहें अलविदा जीवनशैली 14 घंटे पहले 1
इस रक्षाबंधन पर आप अपने भाई का मुंह मीठा कराने के लिए घर पर ही आसानी से शुद्ध पेड़ा बना सकते हैं। इलायची, बादाम और पिस्ता से सजे ये पेड़े स्वाद में बेहतरीन और मिलावट से पूरी तरह मुक्त होते हैं।

त्योहारों का सीजन आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है, लेकिन इसके साथ ही मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में अपने परिवार की सेहत की चिंता होना स्वाभाविक है। इस रक्षाबंधन के खास मौके पर यदि आप अपने भाई का मुंह मीठा कराने के लिए बाजार की मिठाइयों के बजाय घर पर ही कुछ खास बनाना चाहती हैं, तो पेड़ा एक बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाना बेहद आसान है और इसकी शुद्धता पर आपको पूरा भरोसा रहेगा। इलायची, बादाम और पिस्ता के बेजोड़ स्वाद से भरपूर यह पेड़ा भाई को बेहद पसंद आएगा और वे बाजार की मिठाई का स्वाद भूल जाएंगे।

शुद्धता और सेहत का अनूठा संगम

रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कामना करती हैं। ऐसे में सेहत से समझौता करना बिल्कुल ठीक नहीं है। घर पर तैयार किया गया पेड़ा पूरी तरह से मिलावट मुक्त होता है। मुजफ्फरपुर के स्थानीय मिठाई विक्रेता मनोज कुमार बताते हैं कि त्योहारों के समय बाजार में शुद्ध खोया मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसलिए यदि घर पर ही दूध से खोया तैयार करके पेड़ा बनाया जाए, तो इसकी गुणवत्ता और स्वाद दोनों ही लाजवाब होते हैं और सेहत को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

सामग्री का सही गणित: एक किलो दूध से कितने पेड़े?

घर पर मिठाई बनाते समय अक्सर मात्रा को लेकर उलझन रहती है। मिठाई विशेषज्ञ मनोज कुमार ने इसका बहुत ही आसान गणित समझाया है, जिससे आप आसानी से तय कर सकते हैं कि आपको कितनी सामग्री की जरूरत होगी:

  • यदि आप एक किलोग्राम दूध का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे लगभग 200 ग्राम शुद्ध खोया या मावा तैयार होता है।
  • इस 200 ग्राम खोए से आप आसानी से 50 से 60 छोटे आकार के स्वादिष्ट और सुंदर पेड़े बना सकते हैं।
  • स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें पिसी हुई चीनी, इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए सूखे मेवे जैसे बादाम और पिस्ता का उपयोग किया जाता है।

पेड़ा बनाने की आसान चरण-दर-चरण विधि

घर पर एकदम हलवाई जैसे दिखने वाले और मुंह में घुल जाने वाले पेड़े बनाने के लिए आप इन आसान चरणों का पालन कर सकती हैं:

  • खोया भूनना: सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही लें और उसमें एक चम्मच शुद्ध देसी घी डालें। इसके बाद कड़ाही में मावा (खोया) डालें।
  • धीमी आंच का रखें ध्यान: मावे को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आंच तेज न हो, वरना मावा नीचे से जल सकता है और स्वाद बिगड़ सकता है।
  • ठंडा करना: जब मावा अच्छी तरह भुन जाए, तो गैस बंद कर दें और इसे एक साफ प्लेट में निकाल लें। इसे पूरी तरह से ठंडा होने के लिए रख दें। गर्म मावे में कभी भी चीनी न मिलाएं, अन्यथा चीनी पिघल जाएगी और मिश्रण गीला हो जाएगा।
  • मिश्रण तैयार करना: मावे के पूरी तरह ठंडा हो जाने पर इसमें पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर डालें। अब अपने हाथों की मदद से इस मिश्रण को अच्छी तरह से गूंथ लें, जिससे यह पूरी तरह से नरम और एकसार हो जाए।
  • आकार देना और सजावट: अब इस तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे हिस्से लें और उन्हें गोल आकार देकर हथेलियों के बीच हल्का सा दबाएं। पेड़े को और आकर्षक बनाने के लिए इसके बीच में उंगली से हल्का सा निशान बनाएं। इसके बाद ऊपर से बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ता के टुकड़े लगाकर इसे अच्छी तरह सजाएं।

त्योहार की खुशियों को बनाएं और भी खास

इस सरल विधि से तैयार किए गए पेड़े न केवल देखने में बेहद सुंदर लगते हैं, बल्कि इनका स्वाद भी लाजवाब होता है। इस रक्षाबंधन पर जब आप अपने हाथों से बने इन शुद्ध और पौष्टिक पेड़ों से भाई की आरती उतारेंगी और उनका मुंह मीठा कराएंगी, तो त्योहार की खुशियां दोगुनी हो जाएंगी। यह न केवल आपके भाई के प्रति आपके प्रेम को दर्शाएगा, बल्कि उनकी सेहत के प्रति आपकी फिक्र को भी जाहिर करेगा। तो इस बार बाजार की मिलावटी मिठाइयों को अलविदा कहें और घर पर ही इस स्वादिष्ट पेड़े की रेसिपी को जरूर आजमाएं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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