पंजाब की राजनीति में सक्रिय होंगे रवनीत सिंह बिट्टू, लुधियाना से विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा पंजाब एक महीने पहले 44
केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करने का ऐलान किया है।

अब पंजाब की राजनीति पर बिट्टू का फोकस

केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद, बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया है कि अब उनकी पूरी प्राथमिकता पंजाब की राजनीति रहेगी। आने वाले समय में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बिट्टू के लुधियाना विधानसभा सीट से मैदान में उतरने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इस बार बीजेपी ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनावी दंगल में अकेले ही उतरेगी।

21 जून को सौंपा था इस्तीफा

सिख समुदाय में बीजेपी का एक प्रमुख चेहरा माने जाने वाले रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा आधिकारिक रूप से 21 जून को सौंपा था, क्योंकि उस समय उनका राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा था। उन्होंने कहा कि जालंधर में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान उन्होंने उनसे व्यक्तिगत रूप से आग्रह किया था कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए। बिट्टू ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने सोमवार को भी प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अपना इस्तीफा स्वीकार करने की विनती की थी और उनसे अपना आशीर्वाद मांगा था।

बीते जून महीने में ही बिट्टू ने यह सार्वजनिक इच्छा जाहिर की थी कि वह करीब 17 साल तक संसद में सक्रिय रहने के बाद अब पंजाब की विधानसभा में काम करना चाहते हैं। उनका कहना है कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें मंत्री पद दिया, जबकि वे 2024 का लोकसभा चुनाव हार गए थे। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में अब बीजेपी ही सरकार बनाएगी क्योंकि यहां की जनता विपक्षी पार्टियों की कार्यशैली से पूरी तरह निराश हो चुकी है। उनके अनुसार, प्रदेश के लोग अन्य राज्यों में बीजेपी के शासन में हुए विकास से वाकिफ हैं और अब पंजाब में भी वैसी ही खुशहाली देखना चाहते हैं।

कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू

बता दें कि रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी हत्या 1995 में कर दी गई थी। इससे पहले बिट्टू कांग्रेस के साथ जुड़े थे और तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2009 में वे पहली बार आनंदपुर साहिब से सांसद चुने गए थे, जबकि उसके बाद 2014 और 2019 में उन्होंने लुधियाना सीट से जीत दर्ज की थी। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए बिट्टू को उस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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