रांची रेलवे स्टेशन का बदलेगा स्वरूप, 475 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा वर्ल्ड क्लास स्टेशन झारखंड 2 महीने पहले 87
झारखंड की राजधानी रांची का रेलवे स्टेशन अब हाईटेक सुविधाओं के साथ नए रूप में नजर आएगा। 475 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में यात्रियों के लिए आधुनिक डॉरमेट्री, फूड प्लाजा और बेहतर कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जा रही है।

तेजी से पूरा हो रहा रांची स्टेशन का कायाकल्प

झारखंड की राजधानी रांची स्थित रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अब अंतिम दौर में है। करीब 475 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे इस पुनर्निर्माण कार्य के बाद यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन के नए स्वरूप में आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

नई सुविधाएं और संरचना

स्टेशन परिसर में कई तरह के बदलाव किए गए हैं जो इसे एक आधुनिक केंद्र बनाते हैं। मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:

  • स्टेशन पर 17 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध होगी।
  • दोनों तरफ 100-100 कमरों वाले रिटायरिंग रूम बनाए जा रहे हैं।
  • फूड प्लाजा में एक साथ 2,500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी।
  • स्टेशन की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे करीब 30 प्रतिशत बिजली की जरूरत पूरी होगी।
  • प्लेटफॉर्म नंबर 6 का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और यहां जल्द ही नया साउथ गेट भी खुल जाएगा।

यात्रियों की बढ़ती क्षमता और आधुनिक जोन

इस परियोजना के पूरा होने के बाद स्टेशन की यात्री क्षमता में 35,000 की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए यहां ब्रेस्टफीडिंग जोन, रेस्टिंग जोन और गेमिंग जोन जैसे आधुनिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। स्टेशन के बाहर पार्किंग क्षेत्र का भी विस्तार किया जा रहा है ताकि एक साथ हजारों वाहनों को खड़ा किया जा सके।

निर्माण का अंतिम चरण

फिलहाल स्टेशन के भवन के भीतर वायरिंग, सीलिंग और टाइल्स लगाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्य द्वार के बाहर शेड का काम भी प्रगति पर है। टिकट काउंटर का ढांचा तैयार है और अब अंतिम फिनिशिंग का काम किया जा रहा है। रांची रेल मंडल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, निर्माण एजेंसियां इसे निर्धारित समय में पूरा करने के लिए लगातार जुटी हुई हैं और जल्द ही यात्रियों को यह नई सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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