झारखंड
2 घंटे पहले
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झारखंड में पुलिस कार्रवाई पर उठा सियासी बवंडर
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुई झड़प ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है। विधानसभा की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया, जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हेमंत सोरेन सरकार को सीधे तौर पर घेरा है।
राहुल गांधी की सरकार को सख्त हिदायत
राहुल गांधी ने सोमवार की शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से राज्य सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का प्रयोग करना पूरी तरह से अनुचित है। राहुल गांधी के अनुसार, देश के प्रत्येक छात्र को शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने का पूरा अधिकार है। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार से आग्रह किया है कि वह छात्रों पर सख्ती करने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाए। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान केवल संवाद के जरिए ही निकल सकता है, इसलिए सरकार को इन छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करना चाहिए।
विधानसभा घेराव के दौरान बिगड़े हालात
रांची में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया था। बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी की तलाश कर रहे युवा विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पहले ही बड़े स्तर पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब प्रदर्शनकारियों ने इन बैरिकेड्स को लांघकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो माहौल गरमा गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें यानी वॉटर कैनन का सहारा लिया, साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने की खबरें भी सामने आई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई को बताया बर्बर
पुलिस की इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों के चोटिल होने की सूचना है। मौके पर मौजूद छात्रों ने पुलिस पर मनमानी और बर्बरता का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारी पीयूष कुमार सोनी ने तीखे शब्दों में पुलिसिया कार्रवाई को बर्बर करार दिया। वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी विक्रम कुमार ने दावा किया कि लाठीचार्ज की चपेट में कई महिला अभ्यर्थी भी आईं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के सिर, हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। घायलों की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक पीड़ित को एंबुलेंस के जरिए स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाते हुए देखा गया।
सरकार के संवाद न करने पर आक्रोश
प्रदर्शनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने बताया कि छात्र काफी समय से अपनी मांगों को लेकर सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार या प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी प्रतिनिधि ने आकर छात्रों की बात सुनने का साहस नहीं दिखाया है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी परीक्षाओं और भर्तियों में हो रही अनियमितताओं को लेकर पारदर्शिता चाहते हैं, लेकिन सरकार उनकी सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है।
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