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एक घंटा पहले
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होर्मुज स्ट्रेट में लगातार बढ़ता तनाव
दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर से अशांत हो उठा है। यहाँ से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। यह क्षेत्र ऊर्जा के आवागमन का मुख्य गलियारा माना जाता है, लेकिन वर्तमान में यह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। इस टकराव की आंच पूरी दुनिया तक महसूस की जा रही है, क्योंकि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला सीधे तौर पर इससे प्रभावित हो रही है। इस बार एक कुवैती टैंकर को निशाना बनाया गया, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और भी गहरी हो गई हैं।
टैंकर पर हमला और भारतीयों की सुरक्षित वापसी
हालिया घटना में, कुवैत के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर एमटी काजिमा-3 पर एक मिसाइल से हमला किया गया। हमले के समय यह टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजर रहा था। इस हमले के कारण टैंकर को काफी नुकसान पहुँचा है। अच्छी खबर यह है कि इस जहाज पर सवार 5 भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय मिशन ने तत्परता दिखाते हुए बचाव अभियान का समन्वय किया और सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित तट पर पहुँचा दिया।
इस कठिन परिस्थिति में भारत के मित्र देश ओमान ने आगे आकर बड़ी मदद की। ओमान के अधिकारियों ने बचाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके लिए भारत सरकार ने उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है। मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास ने इस राहत कार्य की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय नागरिकों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। फिलहाल हमले की परिस्थितियों और जहाज को हुए सटीक नुकसान की अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन जांच जारी है।
टोगो जा रहा था टैंकर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुवैत का यह क्रूड ऑयल टैंकर अपनी यात्रा के दौरान टोगो के लोमे बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में हुए इस प्रोजेक्टाइल हमले ने समुद्री सुरक्षा के मानकों को फिर से कठघरे में खड़ा कर दिया है। फारस की खाड़ी और उसके आसपास के प्रमुख समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों के बीच, भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत सतर्क है। इसी सतर्कता और ओमान के साथ मजबूत तालमेल के कारण पांच भारतीय जान बचाने में सफल रहे।
समुद्री क्षेत्र में भारतीय नाविकों की स्थिति
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान इस क्षेत्र में तैनात भारतीय नाविकों की संख्या के बारे में महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में सक्रिय व्यावसायिक जहाजों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में कुल 12 सक्रिय कार्गो जहाजों पर 163 भारतीय नाविक तैनात हैं, जो निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन जहाजों के वर्गीकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि:
- इसमें 6 जहाज भारतीय ध्वज वाले हैं।
- 6 जहाज विदेशी ध्वज वाले हैं, जो भारत के लिए माल ढोने का कार्य कर रहे हैं।
यह 163 भारतीय नाविक इन्हीं जहाजों पर सवार हैं, जो विषम परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। भारत सरकार ने दोहराया है कि वह इस समुद्री क्षेत्र में तैनात अपने सभी नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास जारी हैं। होर्मुज स्ट्रेट में जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक व्यापार जगत में भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
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