झारखंड में मानसून की जोरदार दस्तक, मौसम विभाग ने रांची और गुमला सहित सभी जिलों के लिए जारी किया अलर्ट झारखंड 2 घंटे पहले 3
झारखंड में 20 से 25 अगस्त तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिसके चलते मौसम विभाग ने सभी 24 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। विशेष रूप से किसानों को खेतों में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

झारखंड में मानसून एक बार फिर अपने पूरे शबाब पर नजर आ रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार, राज्य में 20 अगस्त से लेकर 25 अगस्त 2026 तक मानसूनी गतिविधियां बेहद सक्रिय रहने वाली हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, वज्रपात यानी बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी विशेष तौर पर अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिणी झारखंड के इलाकों में रहने वाले लोगों, विशेषकर खेतों में काम करने वाले किसानों को इस मौसम में बेहद सावधान रहने की सलाह दी गई है।

झारखंड के सभी 24 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने झारखंड के सभी 24 जिलों के लिए अलग-अलग स्तर का अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब यह है कि पूरे राज्य में किसी न किसी रूप में मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा। हालांकि, हर जिले में बारिश की तीव्रता एक समान नहीं होगी। कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ेंगी तो कहीं मूसलाधार बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

इस मौसम को देखते हुए प्रशासन और वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। कृषि कार्यों के लिए खेतों में जाने वाले किसानों को मौसम के मिजाज पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। वज्रपात के खतरे को देखते हुए यह सलाह दी गई है कि जब भी आसमान में बिजली कड़के या बादल गरजें, तो खुले खेतों में काम करना तुरंत बंद कर दें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा, बरतें ये सावधानियां

झारखंड के दक्षिणी हिस्सों में आने वाले जिले जैसे रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में मौसम खराब होने की स्थिति में आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बहुत अधिक रहेगा। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।

वज्रपात से बचने के लिए मौसम विभाग ने लोगों को कुछ बेहद जरूरी हिदायतें दी हैं। बिजली चमकने और आंधी आने के दौरान निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • सुरक्षा के लिहाज से कभी भी खुले मैदान में खड़े न रहें।
  • बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से पूरी तरह बचें, क्योंकि इन पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है।
  • लोहे या अन्य धातुओं से बने बिजली के खंभों, टावरों और तारों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें।
  • मौसम खराब होने की स्थिति में यदि संभव हो तो अपने घरों के भीतर ही रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें।

20 से 25 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

मौसम विभाग के राष्ट्रीय पूर्वानुमान के अनुसार, 22 से 25 अगस्त के बीच झारखंड में मानसूनी बारिश काफी उग्र रूप ले सकती है। आइए जानते हैं कि आने वाले दिनों में मौसम का चक्र किस तरह बदलेगा:

  • 20 और 21 अगस्त: इन दो दिनों के दौरान झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जाएगी। यह बारिश मुख्य रूप से स्थानीय मौसमी बदलावों और निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से होगी।
  • 22 अगस्त: इस दिन से राज्य में मानसूनी हवाएं और मजबूत होंगी। इसके प्रभाव से विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी झारखंड के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
  • 23 अगस्त: बारिश का दायरा और बढ़ेगा। राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे और यहां भारी वर्षा होने की संभावना है।
  • 24 और 25 अगस्त: इस अवधि में झारखंड के उत्तरी इलाकों में मानसून का सबसे ज्यादा प्रभाव देखा जा सकता है। यहां कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ सकता है।

कोल्हान क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति, ओरमांझी में बारिश का अनुमान

पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण झारखंड के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। इस बारिश का सबसे ज्यादा असर कोल्हान प्रमंडल और दक्षिणी झारखंड में देखा गया है। 19 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश की वजह से कोल्हान क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है। खासकर पश्चिमी सिंहभूम जिला इससे सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहां चाईबासा और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई स्थानों पर बाढ़ जैसी विकट स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि, 19 अगस्त को पूरे सूबे में सबसे ज्यादा बारिश किस सटीक स्थान पर दर्ज की गई, इसका आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो सका है।

इसके अतिरिक्त, राजधानी रांची और उसके आसपास के प्रखंडों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रांची के ग्रामीण इलाके ओरमांझी में 20 अगस्त को करीब 12.1 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जिससे वहां के तापमान में गिरावट आएगी और मौसम सुहावना बना रहेगा।

तापमान का पूर्वानुमान और हवा की गुणवत्ता का हाल

लगातार हो रही बारिश और बादलों के डेरे के चलते राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य या उससे थोड़ा कम ही रहने की उम्मीद है। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में ठंडी हवाएं चलने से मौसम काफी खुशनुमा हो जाएगा। हालांकि, बारिश के रुकने के बाद उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

तापमान के आंकड़ों की बात करें तो 20 अगस्त को झारखंड में पारे में कोई बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। राज्य के कुछ अपेक्षाकृत गर्म मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं, राजधानी रांची और उसके आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान की बात की जाए तो यह सामान्य रूप से 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।

वायु प्रदूषण की स्थिति पर नजर डालें तो बारिश के कारण हवा साफ रहने की उम्मीद है। रांची का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI इस समय करीब 95 दर्ज किया गया है, जो कि 'मध्यम' श्रेणी में आता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश होने के तुरंत बाद हवा में मौजूद धूल के कण बैठ जाएंगे, जिससे वायु गुणवत्ता में कुछ समय के लिए उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकेगा। हालांकि, जैसे ही बारिश थमेगी और उमस बढ़ेगी, वायु प्रदूषण के स्तर में दोबारा मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो 20 अगस्त से लेकर 25 अगस्त तक पूरा झारखंड मानसूनी बादलों की आगोश में रहेगा। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों और नदी तटों के पास रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि लगातार होने वाली बारिश से जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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