झारखंड
एक घंटा पहले
4
विचारों
परीक्षा में गड़बड़ी पर कड़ा रुख
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस पूरे घटनाक्रम और छात्रों के आक्रोश के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि परीक्षा प्रक्रिया में यदि कोई भी गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं को विश्वास दिलाया है कि उनकी आवाज को सरकार सुन रही है और उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
युवाओं से संयम की अपील
रविवार को रांची में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज राज्य के युवा अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरकर अपनी मांगें रख रहे हैं। सरकार ने इस पूरे मामले में हो रही गड़बड़ियों को संज्ञान में लिया है। मुख्यमंत्री ने छात्रों से यह भी आग्रह किया कि वे किसी भी राजनीतिक दल के बहकावे में न आएं। उन्होंने साफ कहा कि छात्रों को अपने संघर्ष के लिए किसी दल की छतरी की आवश्यकता नहीं है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों को उनका वाजिब हक दिलाए और पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया पूरी करे।
राजनीतिक साजिशों से सावधान रहने का आग्रह
हेमंत सोरेन ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि देशभर में एक सोची समझी साजिश के तहत युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें छात्रों को राजनीतिक मोहरा बनाकर अपना उल्लू सीधा करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को ऐसी कोशिशों से बचकर रहने की सलाह दी। उनके अनुसार, समस्या का समाधान डर, दबाव या बदनामी के जरिए नहीं, बल्कि आपसी संवाद से ही संभव है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लाठी, डंडे या गोली का इस्तेमाल सीमा पर देश के दुश्मनों के लिए किया जाता है, अपने ही देश के युवाओं के साथ इस तरह का बर्ताव किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
संवाद के नए माध्यमों की तैयारी
मुख्यमंत्री ने छात्रों के साथ बेहतर समन्वय बनाने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल आंदोलन स्थलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन युवाओं की बात भी सुनेगी जो घर पर बैठे हैं और अपनी शिकायतें या सुझाव सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। इसके लिए सरकार एक नई व्यवस्था बनाने पर विचार कर रही है ताकि हर छात्र की बात सीधे प्रशासन तक पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की पीड़ा और उनके भविष्य की चिंता वास्तव में सरकार की अपनी चिंता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग पूरी पारदर्शिता बरतेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों को न केवल न्याय मिले, बल्कि उन्हें न्याय होता हुआ महसूस भी हो। सरकार का पूरा प्रयास है कि परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल सुधार किया जाए और दोषियों को सजा देकर भविष्य के लिए एक नजीर पेश की जाए।
Comments
0 comment