रक्षाबंधन 2026: भाई की उन्नति के लिए राखी की थाली में जरूर रखें ये 6 विशेष चीजें, जानें आचार्य से महत्व धर्म एक घंटा पहले 4
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस बार राखी की थाली को शास्त्रोक्त तरीके से सजाने के लिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य ने 6 महत्वपूर्ण सामग्रियों को शामिल करने की सलाह दी है।

रक्षाबंधन 2026 का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का त्योहार भाई और बहन के बीच के पवित्र रिश्ते की डोर को और मजबूत बनाता है। इस दिन बहनें न केवल अपने भाई की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं, बल्कि उनके सुखद भविष्य की कामना भी करती हैं। इस खास अवसर पर पूजा की थाली का बहुत महत्व माना जाता है। उज्जैन के जाने-माने ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, थाली को केवल सजाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसमें कुछ ऐसी मंगलकारी वस्तुएं रखना भी जरूरी है जो भाई के जीवन में सकारात्मकता और उन्नति लेकर आएं।

कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन का पर्व

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त 2026 को दोपहर में होगा। यह तिथि 28 अगस्त 2026 को दोपहर में समाप्त होगी। इसलिए, उदयातिथि की मान्यता के आधार पर रक्षाबंधन का पावन पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाना श्रेष्ठ रहेगा। राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त 28 अगस्त को सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक निर्धारित किया गया है।

पूजा की थाली में रखें ये 6 शुभ सामग्री

ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने बताया कि राखी की थाली में निम्नलिखित छह वस्तुओं का समावेश भाई के लिए अत्यंत फलदायी साबित होता है:

  • दीपक: पूजा की थाली में दीपक का होना अनिवार्य है। राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारने की परंपरा है, जिससे भाई बुरी नजर के प्रभावों से सुरक्षित रहता है।
  • अक्षत (चावल): तिलक लगाने के बाद भाई के माथे पर अक्षत लगाने की परंपरा है। अक्षत यानी अखंड चावल को अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है, जो किसी भी पूजा को पूर्णता प्रदान करता है।
  • रक्षा सूत्र: सनातन परंपरा के अनुसार, रक्षा सूत्र बांधने से शारीरिक दोषों का निवारण होता है। यदि भाई किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहा है, तो राखी के साथ रक्षा सूत्र बांधना बहुत लाभकारी होता है।
  • कुमकुम या रोली: किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत माथे पर तिलक लगाने से होती है। कुमकुम विजय और लंबी उम्र का प्रतीक माना गया है, इसलिए थाली में रोली का होना सबसे महत्वपूर्ण है।
  • मिठाई: राखी का त्योहार रिश्तों की मिठास बढ़ाने का पर्व है। राखी बांधने के बाद भाई-बहन का एक-दूसरे को मिठाई खिलाना उनके प्रेम को और अधिक गहरा बनाता है, इसलिए थाली में मिठाई जरूर रखें।
  • नारियल (श्रीफल): राखी की थाली में नारियल का स्थान सर्वोपरि है। इसे श्रीफल भी कहा जाता है और यह देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि भाई को नारियल देने से उसके करियर और जीवन में तरक्की के नए द्वार खुलते हैं।

इन चीजों का प्रभाव

आचार्य के अनुसार, ये छह चीजें केवल परंपरा नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे गहरे आध्यात्मिक अर्थ छिपे हैं। जब बहनें इन सामग्रियों के साथ रक्षाबंधन का अनुष्ठान पूरा करती हैं, तो यह भाई के जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है। भाई की उन्नति, स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए इन वस्तुओं को थाली में शामिल करना एक मंगलकारी संकेत माना जाता है। अतः रक्षाबंधन पर विधि-विधान का पालन करते हुए इस पावन पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाना चाहिए ताकि भाई-बहन के प्रेम का यह बंधन सदैव बना रहे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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