आतंकी हमले में छिना भूपेंद्र भैना का जीवन, जम्मू-कश्मीर में मौत से उजड़ा छत्तीसगढ़ का परिवार छत्तीसगढ़ 2 घंटे पहले 2
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की जान चली गई, जिनमें से एक भूपेंद्र भैना थे। इस घटना ने उनके परिवार को गहरा सदमा दिया है और पीछे एक छोटे बच्चे समेत कई आश्रित छूट गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले का दंश

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में 31 जुलाई शुक्रवार को हुए एक भयावह आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ के दो परिवारों को हमेशा के लिए झकझोर कर रख दिया है। बेहतर भविष्य और आर्थिक तंगी से निजात पाने के सपने लेकर कश्मीर गए छत्तीसगढ़ के दो श्रमिक इस कायरतापूर्ण हमले के शिकार हो गए। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी इन युवकों की असामयिक मृत्यु के बाद से उनके गृह ग्रामों में मातम का माहौल है। इन मृतकों में से एक भूपेंद्र भैना थे, जिनकी मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

कौन थे भूपेंद्र भैना

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव के रहने वाले 28 वर्षीय भूपेंद्र भैना एक मेहनती दिहाड़ी मजदूर थे। छत्तीसगढ़ में मनरेगा के तहत काम करते हुए उन्हें प्रतिदिन महज 261 रुपए की मजदूरी मिलती थी। अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए उन्होंने जम्मू-कश्मीर का रुख किया, जहां सामान्य मजदूरी 700 से 800 रुपए और राजमिस्त्री के काम के लिए करीब 1000 रुपए रोजाना मिल जाते हैं। भूपेंद्र इसी उम्मीद में अपनी पत्नी के साथ तीन महीने पहले ही कश्मीर गए थे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

भूपेंद्र के परिवार में उनकी पत्नी, डेढ़ साल की बेटी मानसी और एक छोटा भाई विशाल शामिल हैं। परिवार का एक सदस्य दो साल का बेटा भी है, जिसे भूपेंद्र और उनकी पत्नी गांव में रिश्तेदारों के पास छोड़कर गए थे। भूपेंद्र का भाई विशाल खुद मध्य प्रदेश में रहकर मजदूरी करता है। भूपेंद्र के निधन से उनके परिवार का एकमात्र सहारा छिन गया है, और उनके छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। गांव वालों ने ही सबसे पहले परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी दी थी, जिससे परिजन गहरे सदमे में हैं।

साथ ही मारे गए दीपक रात्रे

इस आतंकी हमले में भूपेंद्र के साथ ही कुरझुंझी गांव के रहने वाले दीपक रात्रे की भी जान चली गई। दीपक अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। इन दोनों मजदूरों की मौत से उनके पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और परिजनों के अनुसार, आतंकी हमले में जान गंवाने वाले इन दोनों मजदूरों का अंतिम संस्कार शनिवार को कश्मीर में ही संपन्न कर दिया गया है। परिजनों ने इन दुखद परिस्थितियों की पुष्टि करते हुए पूरे घटनाक्रम पर गहरा दुख जताया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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