छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने दिया इस्तीफा छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 7
छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दिल्ली से आए नेताओं पर मनमानी का आरोप लगाया है और पार्टी के कामकाज के तौर तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पार्टी नेतृत्व पर उठाए कड़े सवाल

छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी को उस समय एक बड़ा झटका लगा जब राज्य के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने त्यागपत्र में पार्टी के वर्तमान कार्य संचालन और शीर्ष नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि संगठन के भीतर लंबे समय से पनप रही खामियों के कारण कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है।

दिल्ली के नेताओं की मनमानी का आरोप

अपने इस्तीफे में उत्तम जायसवाल ने बेहद भावुक और तीखे शब्दों का प्रयोग किया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में पार्टी के फैसले दिल्ली से थोपे जा रहे हैं। जायसवाल के अनुसार, पार्टी की मूल विचारधारा जो कभी संघर्ष, समानता और कार्यकर्ताओं के सम्मान पर टिकी थी, अब वह पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। बाहरी नेताओं की व्यक्तिगत पसंद और नापसंद के चलते पार्टी के स्थानीय नेताओं की अनदेखी की जा रही है, जो पार्टी के भविष्य के लिए चिंताजनक है।

विधानसभा चुनाव 2023 की टीस

उत्तम जायसवाल ने अपने पत्र में 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि उस दौरान पार्टी के लिए वर्षों से समर्पित और संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को जिस तरह की उपेक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा, वह अत्यंत दुखद था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि हार से सबक लेते हुए पार्टी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएगी, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ। आगामी चुनावों को लेकर भी पार्टी का कोई स्पष्ट रोडमैप या दूरदर्शिता नजर नहीं आ रही है।

जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी

जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का पक्ष रखते हुए उत्तम जायसवाल ने कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत बड़े पदों पर आसीन नेता नहीं, बल्कि धरातल पर झंडा उठाने वाले कार्यकर्ता होते हैं। यदि उन्हीं का विश्वास और स्वाभिमान आहत होगा, तो संगठन की मजबूती महज कागजों तक ही सीमित रह जाएगी। जायसवाल ने खुद का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने पार्टी के लिए संघर्ष करते हुए 8 बार जेल की यात्रा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ समझौता जारी रहा, तो पार्टी के लिए स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अस्तित्व पर संकट

दिल्ली मॉडल का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के लिए छत्तीसगढ़ की यह घटना एक राजनीतिक भूचाल से कम नहीं है। यदि पार्टी नेतृत्व ने समय रहते अपने समर्पित जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज को गंभीरता से नहीं सुना, तो राज्य में आम आदमी पार्टी का अस्तित्व केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानों तक ही सिमट कर रह जाएगा। वर्तमान में यह इस्तीफा न केवल पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में पार्टी की पकड़ पर भी सवाल उठाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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