छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन ने सूखे नशे के व्यापार पर लगाम कसने के लिए एक बड़ी और व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत 150 से अधिक पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टीम ने शहर के 38 मेडिकल स्टोरों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि शहर में कहीं भी बिना डॉक्टर की वैध पर्ची के प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री न हो।
टेस्ट परचेजिंग के जरिए पकड़े गए दोषी
इस पूरी जांच प्रक्रिया में पुलिस ने एक विशेष रणनीति अपनाई, जिसे टेस्ट परचेजिंग कहा जाता है। इसके जरिए अधिकारी छद्म ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोरों तक पहुंचे और बिना किसी चिकित्सकीय परामर्श के प्रतिबंधित दवाइयां खरीदीं। इस औचक निरीक्षण के दौरान 4 मेडिकल स्टोरों को नियमों का उल्लंघन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इन दुकानों पर बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाइयां बेची जा रही थीं, जिनका उपयोग नशे के रूप में किया जाता है। पकड़े गए स्टोरों को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया है। इसके अलावा, उनके दवा लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द करने के लिए संबंधित विभाग को आधिकारिक पत्र भी भेज दिया गया है।
इन मेडिकल स्टोरों पर हुई कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस को जिन चार प्रमुख दुकानों में अनियमितताएं मिलीं, उनके नाम और स्थान इस प्रकार हैं:
- मां दुर्गा मेडिकोज, गोल चौक
- आयुष मेडिकल, गुढियारी
- विश्वास मेडिकल, भनपुरी
- उदय मेडिकल स्टोर, उरकुरा
इन केंद्रों पर मुख्य रूप से प्रेगाबालिन कैप्सूल और रेक्सकॉफ डीएक्स सिरप जैसे उत्पाद बिना किसी पर्ची के बेचे जा रहे थे। औषधि एवं प्रसाधन विभाग ने इन सभी चारों प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कर लिया है और लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
पुलिस का सख्त रुख और आंकड़े
क्राइम ब्रांच और साइबर सेल के प्रभारी सतीश गहरवार ने बताया कि शहर में सूखे नशे के प्रसार को रोकने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने खुलासा किया कि पूर्व में गिरफ्तार किए गए कई दवा तस्करों से हुई पूछताछ में इन मेडिकल स्टोरों की संलिप्तता सामने आई थी। जांच में यह भी पता चला है कि कई इलाकों में घरों के अंदर अवैध रूप से छोटे मेडिकल स्टोर चलाए जा रहे हैं, जहां से छिपकर नशीली दवाइयों की आपूर्ति की जाती है।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 186 दिनों में नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों में 150 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नशीली सामग्री बरामद की है, जिसमें 27,300 टैबलेट और कैप्सूल के साथ-साथ 201 नशीले सिरप की बोतलें शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी गली-मोहल्लों में चल रहे ऐसे अवैध धंधों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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