छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे राहुल गांधी, जिला और शहर अध्यक्षों को खुद देंगे ट्रेनिंग, अभनपुर में 10 दिवसीय शिविर छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 27
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए रायपुर के अभनपुर में 21 से 30 जून तक 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद जिला और शहर अध्यक्षों को राजनीति के गुर सिखाएंगे।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को नई धार देने की तैयारी जोरों पर है और इस बार खुद राहुल गांधी मैदान में उतरने जा रहे हैं। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए रायपुर के पास अभनपुर में 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का फैसला किया है।

राहुल गांधी खुद देंगे प्रशिक्षण

इस शिविर की सबसे खास बात यह है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी स्वयं इसमें हिस्सा लेंगे। वे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिला और शहर अध्यक्षों को राजनीति की बारीकियां सिखाएंगे। राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम में शामिल होने पर अपनी सहमति दे दी है। पूरा आयोजन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

केसी वेणुगोपाल ने लिखा पत्र

एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस सिलसिले में सभी जिला और शहर अध्यक्षों को पत्र भेजा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इस शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। यह पत्र संगठन की सक्रियता और गंभीरता का संकेत देता है।

कब और कहां लगेगा शिविर

कांग्रेस का यह विशेष प्रशिक्षण शिविर 21 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा। कुल 10 दिनों तक चलने वाला यह गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम रायपुर के अभनपुर में आयोजित किया गया है।

इन पांच अहम विषयों पर रहेगा जोर

शिविर के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा और ट्रेनिंग दी जाएगी:

  • संगठन की मजबूती
  • बूथ प्रबंधन
  • जनसंपर्क अभियान
  • राजनीतिक रणनीति
  • आगामी चुनावों की तैयारी

नया उत्साह भरने की उम्मीद

कांग्रेस का मानना है कि राहुल गांधी के सीधे संवाद और मार्गदर्शन से जिला अध्यक्षों में नया जोश पैदा होगा। इस शिविर के जरिए पार्टी आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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