छत्तीसगढ़ में एआई का बड़ा दांव: 500 करोड़ का मिशन, 100 लैब और बीईएमएल की फैक्ट्री को मिली मंजूरी छत्तीसगढ़ 55 मिनट पहले 2
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कैबिनेट ने राज्य में डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 500 करोड़ के एआई मिशन और बीईएमएल के नए संयंत्र को हरी झंडी दी है।

डिजिटल भविष्य की ओर छत्तीसगढ़ के कदम

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को औद्योगिक और तकनीकी विकास की नई राह पर ले जाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में हाल ही में संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े नीतिगत फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस बैठक में लिए गए निर्णयों का मुख्य केंद्र राज्य में डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और भारी उद्योगों को बढ़ावा देना है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इन फैसलों के जरिए राज्य में सुशासन और आधुनिक तकनीक का एक नया युग शुरू होगा।

500 करोड़ का महत्वाकांक्षी एआई मिशन

राज्य के भविष्य को तकनीक से जोड़ने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ राज्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई मिशन को मंजूरी दे दी है। इस मिशन के लिए अगले 5 वर्षों तक 500 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इस मिशन की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • राज्य भर में 100 एआई डेटा लैब की स्थापना की जाएगी।
  • तकनीकी कौशल को निखारने के लिए 5 उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएंगे।
  • यह पहल 300 से अधिक एआई स्टार्टअप को बढ़ावा देने और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने में मदद करेगी।
  • राज्य के 6 लाख छात्रों को एआई तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • सरकारी सेवाओं को स्मार्ट बनाने के लिए 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर और तेज बनाने के लिए 50 से अधिक एआई-आधारित डिजिटल सेवाएं विकसित की जाएंगी।

बीईएमएल का नया प्लांट और औद्योगिक विकास

कैबिनेट बैठक में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मिनीरत्न कंपनी भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड यानी बीईएमएल को छत्तीसगढ़ में अपना भारी अर्थमूविंग उपकरण निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन आवंटित की गई है। यह जमीन रियायती दरों पर दी जाएगी। यह अपनी तरह का पहला उद्योग होगा जो छत्तीसगढ़ में स्थापित होगा, जिससे न केवल बड़े स्तर पर पूंजी निवेश बढ़ेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतर रास्ते खुलेंगे।

पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली में डिजिटल बदलाव

लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से डिजिटल प्रबंधन प्रणाली को लागू करने की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम यानी WAMIS के पहले चरण की शुरुआत की जाएगी। इस महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर को पुणे स्थित सी-डीएसी ने तैयार किया है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद कार्य स्वीकृति, ई-टेंडर प्रक्रिया, बिलों का भुगतान और सड़कों की गुणवत्ता की निगरानी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी तरीके से हो सकेगी।

ग्रामीण सड़कों के निर्माण में बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के नियमों में भी सरकार ने जरूरी संशोधन किए हैं। अब ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान मनरेगा के तहत अनिवार्य मिट्टी के काम की शर्त को हटा दिया गया है। इस बदलाव से गांवों की गलियों में सीमेंट कंक्रीट की सड़कें और नालियां बनाना पहले की तुलना में काफी सरल हो जाएगा। इसके लिए नाबार्ड ऋण या अन्य उपलब्ध फंड का उपयोग करके वित्तीय संसाधन जुटाए जाएंगे।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

बैठक में सरकार ने कुछ अन्य अहम फैसलों पर भी मुहर लगाई है:

  • वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, अंजोर लाइट परियोजना को गति देने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक यानी ADB से 15 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त किया जाएगा।
  • राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया गया है।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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