राष्ट्रीय राजनीति
5 घंटे पहले
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विचारों
रेलवे का बड़ा सुधार अभियान
सीएजी की हालिया रिपोर्ट में रेलवे में मिलने वाले पानी की गुणवत्ता और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां उजागर हुई थीं। इन तथ्यों के सामने आने के बाद रेलवे विभाग अब पूरी तरह से सतर्क हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जो पूरे दिन चली। इस बैठक में यात्रियों को साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की गई है।
20 हजार जगहों पर लगेगा नया सिस्टम
बैठक में लिए गए फैसलों के मुताबिक रेलवे अब अपने नेटवर्क के भीतर करीब 20 हजार अलग-अलग जगहों पर टैंक टू टैप वॉटर फिल्ट्रेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करेगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों तक पहुँचने वाला पानी हर हाल में स्वच्छ और सुरक्षित हो।
पानी की गुणवत्ता पर होगी कड़ी नजर
रेलवे प्रशासन ने पानी के रखरखाव से जुड़ी पुरानी कमियों को दूर करने के लिए कई अनिवार्य नियम लागू किए हैं। इनमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- रेलवे के पुराने और खराब हो चुके सभी पानी के टैंकों को जल्द से जल्द बदला जाएगा।
- पानी के स्रोत से लेकर अंत में नल तक, हर स्तर पर पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी।
- स्टोरेज टैंकों की समय पर सफाई और उनका उचित रख-रखाव अब अनिवार्य कर दिया गया है।
- रेलवे बोर्ड खुद इस पूरे अभियान की सीधे निगरानी करेगा ताकि सुधार कार्य में कोई कोताही न बरती जाए।
इस नई पहल के जरिए रेलवे का प्रयास है कि सीएजी रिपोर्ट में इंगित की गई समस्याओं का स्थाई समाधान निकाला जा सके और यात्रियों को यात्रा के दौरान शुद्ध पेयजल की सुविधा निर्बाध रूप से मिलती रहे।
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