धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया, शिक्षा सुधार की दिशा में इसे बताया बड़ा कदम भारत एक महीने पहले 47
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे शिक्षा तंत्र को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम पहल करार दिया है।

शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से दुरुस्त करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम है। उन्होंने देशभर के छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उन्हें उन सभी पर गर्व है।

छात्रों और युवाओं को राहुल गांधी की बधाई

राहुल गांधी ने उन तमाम युवाओं और छात्रों को बधाई दी जो सड़क पर उतरकर लोकतंत्र, संविधान और अपने उज्जवल भविष्य की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने इसे असली साहस करार देते हुए कहा कि समाज के अन्य वर्गों, जिनमें किसान, मजदूर और गरीब शामिल हैं, जिन्हें मौजूदा सरकार ने प्रताड़ित किया है, उन्हें भी इसी तरह संवैधानिक तरीके से अपने सम्मान के लिए एकजुट होकर खड़े होने की आवश्यकता है।

दो प्रमुख मांगें अभी भी बरकरार

राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अभी भी सरकार के सामने दो मुख्य मांगें बाकी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों और देश के भविष्य का सम्मान करते हुए माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग दोहराई। राहुल गांधी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे डरे नहीं और वर्तमान सरकार को सत्ता से हटाने की दिशा में प्रयास जारी रखें। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना भी दिया था, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी।

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को सौंपा इस्तीफा

देशभर में छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया एक्स के जरिए इस बात की जानकारी साझा की। अपने संदेश में उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले 10 दिनों से चल रही घटनाओं को लेकर वह काफी दुखी हैं। उन्होंने अपना औपचारिक त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

इस्तीफे के पत्र में मंत्री ने क्या कहा

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने दो पेज के इस्तीफे में लिखा कि यह विषय उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं है। उन्होंने बताया कि वह पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि एक सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही मजबूत राष्ट्र की नींव होती है। उन्होंने देश के युवाओं की भावनाओं और उनकी आकांक्षाओं का गहरा सम्मान जताते हुए कहा कि युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलना ही उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का मौका मिलने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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