इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन की ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राघव चड्ढा, मिली अहम जिम्मेदारी भारत एक घंटा पहले 6
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित होने वाली इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन की ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे। उपराष्ट्रपति के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने भारत की ओर से इस वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है।

समरकंद में भारत की गूंज

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आगामी 4 से 6 सितंबर के दौरान उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाली इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (IPU) ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ यंग पार्लियामेंटेरियन्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन के लिए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद उन्हें भारत के प्रतिनिधि के तौर पर चुना गया है। इस जिम्मेदारी के मिलने पर राघव चड्ढा ने उपराष्ट्रपति का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसकी जानकारी साझा की है।

सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी

राघव चड्ढा ने एक्स पर अपनी एक तस्वीर साझा की है जिसमें वह हवाई अड्डे पर अपने दस्तावेजों और पासपोर्ट के साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में गर्व व्यक्त करते हुए लिखा कि 12वें इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ यंग पार्लियामेंटेरियन्स में भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात है। राघव ने बताया कि 1889 में स्थापित और जिनेवा में मुख्यालय वाली यह संस्था दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी संसदीय इकाई है, जिसमें 180 सदस्य संसदें और 15 एसोसिएट सदस्य शामिल हैं। इससे पहले भी राघव चड्ढा ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम का हिस्सा रह चुके हैं और विश्व आर्थिक मंच द्वारा उन्हें यंग ग्लोबल लीडर के सम्मान से नवाजा जा चुका है।

थीम और प्रमुख मुद्दे

इस वर्ष तीन दिवसीय सम्मेलन की मुख्य थीम मुश्किल समय में सभी के लिए मानवाधिकार, न्याय और सम्मान को पुनर्स्थापित करना रखी गई है। सम्मेलन के दौरान दुनिया भर के युवा जन प्रतिनिधि विभिन्न ज्वलंत विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। राघव चड्ढा ने बताया कि बैठक में युवाओं के अधिकार, डिजिटल अधिकार, ऑनलाइन सुरक्षा, जलवायु लचीलापन और युवाओं के लिए आर्थिक अवसरों जैसे गंभीर मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ ही सबसे युवा आबादी वाला देश है, इसलिए भारतीय संसद के पास इस वैश्विक मंच पर साझा करने के लिए काफी अनुभव है।

द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती

इस आयोजन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की एक सफल आधिकारिक यात्रा संपन्न की है। इस यात्रा के दौरान दोनों राष्ट्रों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे। अपनी यात्रा को लेकर राघव चड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद भारत और उज्बेकिस्तान की साझेदारी के संसदीय पक्ष को आगे बढ़ाने और संबंधों में मोमेंटम बरकरार रखने के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है, जिसमें उन्हें अपना योगदान देने की खुशी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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