राफेल को मिली नई 'सुपर ताकत', अब स्टेल्थ फाइटर जेट भी नहीं बच पाएंगे निशाने से विश्व एक घंटा पहले 3
फ्रांस ने राफेल लड़ाकू विमान के लिए विकसित आधुनिक MICA NG मिसाइल का सुपरसोनिक गति में सफल परीक्षण किया है, जो स्टेल्थ विमानों तक को निशाना बना सकती है। उधर भारत भी अपने राफेल बेड़े को बढ़ाने में जुटा है।

पेरिस: फ्रांस ने राफेल लड़ाकू विमान के लिए तैयार की गई अत्याधुनिक MICA NG मिसाइल का एक और सफल परीक्षण कर लिया है। इस बार खास बात यह रही कि मिसाइल को पहली बार राफेल से सुपरसोनिक यानी ध्वनि से भी तेज गति पर दागा गया, और यह स्टेल्थ फाइटर जेट्स तक को निशाना बनाने में सक्षम साबित हुई। रक्षा विशेषज्ञ इस परीक्षण को राफेल की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मान रहे हैं। मिसाइल निर्माता कंपनी MBDA के अनुसार, MICA NG को आने वाले समय की युद्ध जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है।

जून 2025 में हुआ था पहला परीक्षण

कंपनी का दावा है कि यह मिसाइल दुश्मन के लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोन, स्टेल्थ फाइटर जेट और यहां तक कि तेज रफ्तार क्रूज मिसाइलों को भी मार गिरा सकती है। गौरतलब है कि स्टेल्थ विमान ऐसे होते हैं जिन्हें रडार पर पकड़ पाना बेहद कठिन होता है। राफेल से MICA NG का यह दूसरा परीक्षण था, जबकि पहला परीक्षण जून 2025 में किया गया था। इस बार इसे उस स्थिति में आज़माया गया जब विमान ध्वनि की गति से भी अधिक तेज उड़ान भर रहा था। इतनी अधिक रफ्तार पर तापमान काफी बढ़ जाता है, जिसके चलते लक्ष्य की पहचान करना और मुश्किल हो जाता है।

गर्मी पहचानकर लक्ष्य भेदती है मिसाइल

परीक्षण के दौरान मिसाइल के इन्फ्रारेड सीकर को परखा गया। यह तकनीक दुश्मन के विमान या मिसाइल से निकलने वाली गर्मी को पहचानकर उसका पीछा करती है। MBDA के अनुसार, परीक्षण में यह प्रमाणित हो गया कि बेहद कठिन हालात और अधिक तापमान में भी यह प्रणाली सटीक ढंग से काम करती है। कंपनी का कहना है कि यह मिसाइल फ्रांस की वायु सेना को भविष्य के खतरों से निपटने में मददगार साबित होगी। इसकी बदौलत लड़ाकू विमान दुश्मन के विमानों को रोकने, हवाई जंग लड़ने और अपनी सुरक्षा करने में कहीं अधिक सक्षम बन जाएंगे।

114 नए राफेल जेट खरीदना चाहता है भारत

इस मिसाइल का एक अन्य संस्करण समुद्री जहाजों और जमीन पर मौजूद अहम ठिकानों की सुरक्षा के लिए भी काम आ सकेगा। इसी बीच भारत भी अपने राफेल बेड़े का विस्तार करने की तैयारी में है। भारत ने हाल ही में फ्रांस को 114 नए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का प्रस्ताव भेजा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, इन 114 में से 94 राफेल विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा, जिन्हें फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन और एक भारतीय कंपनी मिलकर तैयार करेंगी।

पहली बार फ्रांस के बाहर बनेंगे राफेल

यदि यह सौदा सिरे चढ़ता है तो यह पहला मौका होगा जब राफेल विमान फ्रांस के बाहर किसी दूसरे देश में बनाए जाएंगे। फिलहाल भारतीय वायुसेना और नौसेना 62 राफेल विमानों का ऑर्डर दे चुकी हैं। यदि 114 नए विमान भी इसमें जुड़ जाते हैं तो भारत के पास कुल 176 राफेल विमान हो जाएंगे। साथ ही भारतीय नौसेना भविष्य में 31 और राफेल विमान खरीदने की योजना पर भी काम कर रही है। भारत और फ्रांस इस सौदे को अगले एक साल के भीतर अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित फ्रांस दौरे के दौरान भी इस मुद्दे पर बातचीत हो सकती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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