दिल्ली
2 घंटे पहले
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विचारों
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में मंथन
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में इस समय एक उच्च स्तरीय बैठक चल रही है। इस बैठक की अध्यक्षता खुद दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार कर रहे हैं। चर्चा का मुख्य विषय दिल्ली की कानून व्यवस्था और हाल ही में जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आई स्थितियों का विश्लेषण करना है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अलग-अलग जिलों के डीसीपी और पुलिस की विभिन्न इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
क्या है 20 जुलाई की वह घटना
विवाद की जड़ 20 जुलाई को हुई एक घटना है, जिसकी डीडी जनरल डायरी एंट्री पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में 22 जुलाई को की गई थी। इस एंट्री में आरएएफ यानी RAF के एक अधिकारी ने दावा किया है कि उन्हें डीसीपी नार्थ के कहने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दंगा निरोधक हथियारों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए थे। अब इस एंट्री के सार्वजनिक होने के बाद दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों में हलचल मच गई है और इसी के चलते यह बैठक बुलाई गई है।
डीजीपी नार्थ की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरएएफ अधिकारी ने डीसीपी नार्थ के निर्देशों का हवाला दिया, तो अन्य पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उस दौरान डीसीपी नार्थ की तैनाती उस रूट पर थी ही नहीं। वे किसी दूसरे रूट पर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। अब पुलिस महकमे में यह सवाल भी उठ रहा है कि 20 जुलाई की घटना की रिपोर्टिंग 22 जुलाई को इतनी देरी से क्यों हुई और आरएएफ के उस अधिकारी ने डीसीपी नार्थ का नाम क्यों लिया। कानून व्यवस्था की स्थिति और इस पूरे घटनाक्रम की बारीकियों पर अधिकारी गहन चर्चा कर रहे हैं।
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