उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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रायबरेली में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में पुलिस ने एक ऐसे अंतरजनपदीय गिरोह को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है जो सुनार की दुकानों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जबकि तीन अन्य साथियों को पुलिस ने घेराबंदी करके दबोच लिया। बरामद सामान में भारी मात्रा में कीमती धातु के गहने शामिल हैं। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की जा रही एक कार और अवैध हथियारों का जखीरा भी जब्त किया है। घटना की शुरुआत तब हुई जब 3 और 4 अगस्त 2026 की दरमियानी रात को मिलएरिया थाना क्षेत्र के तकिया चौराहे पर स्थित पांच अलग-अलग दुकानों में सेंधमारी की गई और चोर वहां से भारी मात्रा में चांदी के जेवर चुरा ले गए।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
इस चोरी की वारदात के बाद शुभम मौर्य की तहरीर पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए रायबरेली के पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने जांच के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह की निगरानी में नगर क्षेत्राधिकारी आशीष निगम के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें एसओजी, सर्विलांस सेल और थाना मिलएरिया के अधिकारी शामिल थे। पुलिस को 6 और 7 अगस्त की रात को पुख्ता खबर मिली कि कुछ अपराधी लोनियन का पुरवा स्थित शारदा नहर पुल के पास इकट्ठा होकर चोरी किए गए माल को आपस में बांट रहे हैं और अगली बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं।
मुठभेड़ में जख्मी हुए दो आरोपी
जैसे ही पुलिस टीम ने उक्त स्थान को घेरकर आरोपियों को आत्मसमर्पण करने को कहा, अपराधियों ने पुलिस बल पर गोलियां चला दीं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में शिवकुमार के दाहिने पैर और बबलू के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने बाकी के तीन साथियों राकेश उर्फ छोटे, लवकुश और सागर वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से सीतापुर जिले के निवासी हैं, हालांकि राकेश का ठिकाना लखीमपुर खीरी भी बताया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से एक सदस्य, सागर वर्मा, खुद पेशे से सुनार है, जो चोरी किए गए माल की पहचान और उसे खपाने में माहिर था।
भारी मात्रा में चांदी के गहने बरामद
पुलिस की तलाशी में आरोपियों के कब्जे से कुल 12 किलो 400 ग्राम चांदी बरामद हुई है। जांच में पता चला है कि इस बरामदगी में 4 किलो 460 ग्राम चांदी अमेठी के मोहनगंज थाना क्षेत्र में हुई चोरी से जुड़ी है, जबकि शेष आभूषण रायबरेली में हुई वारदात के हैं। पुलिस ने मौके से दो अवैध 315 बोर के तमंचे, कारतूस और एक स्विफ्ट डिजायर कार (UP32NV1225) भी जब्त की है। यह गाड़ी इस गिरोह के सदस्य चोरी करने के लिए इस्तेमाल करते थे।
संगठित तरीके से काम करता था गिरोह
पूछताछ में सामने आया है कि यह एक पेशेवर और संगठित गिरोह था। ये लोग रात के अंधेरे में लग्जरी गाड़ियों से निकलते थे और उनके पास लोहे की रॉड, सब्बल और अन्य औजार हमेशा मौजूद रहते थे। ये गिरोह पहले लक्ष्य की रेकी करता था और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। मिलएरिया थाना में अब इन पर BNS की धारा 109(1), 317(2), 313, 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा रहा है।
पुराना है बदमाशों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए राकेश उर्फ छोटे और शिवकुमार का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, अमेठी और रायबरेली समेत प्रदेश के कई जिलों में हत्या का प्रयास, लूट, चोरी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों ने और कहां-कहां हाथ साफ किए हैं।
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