पुष्कर के तीन पवित्र क्षेत्रों का पौराणिक रहस्य, कमल के फूल से जुड़ी है अनोखी कहानी धर्म एक घंटा पहले 2
अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित तीन विशेष पवित्र क्षेत्रों का गहरा धार्मिक महत्व है, जो भगवान ब्रह्मा द्वारा गिराए गए कमल के फूल से जुड़े हैं।

पुष्कर की धार्मिक विरासत

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित पुष्कर न केवल भगवान ब्रह्मा के एकमात्र प्रसिद्ध मंदिर के लिए देश भर में मशहूर है, बल्कि यहां की पौराणिक कथाएं भी इसे दुनिया के अन्य तीर्थ स्थलों से अलग बनाती हैं। पुष्कर को तीन पवित्र क्षेत्रों के समूह के रूप में जाना जाता है, जिन्हें ब्रह्म पुष्कर, मध्य पुष्कर और बूढ़ा पुष्कर के नाम से पहचाना जाता है। इन तीनों ही स्थानों की अपनी अलग महिमा और धार्मिक मान्यताएं हैं।

कमल के फूल से जुड़ा चमत्कार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन तीनों क्षेत्रों का निर्माण भगवान ब्रह्मा के हाथों में मौजूद कमल के फूल से हुआ था। पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि सृष्टि की रचना पूरी करने के बाद जब भगवान ब्रह्मा ने लोक कल्याण के उद्देश्य से एक विशाल यज्ञ करने का निर्णय लिया, तो उन्हें यज्ञ के लिए सबसे उपयुक्त स्थान की आवश्यकता थी। सही जगह खोजने के दौरान, उन्हें आकाशवाणी द्वारा निर्देशित किया गया कि वे अपने हाथ में लिए हुए कमल के फूल को आसमान की ओर उछालें।

तीनों पवित्र स्थलों का निर्माण

मान्यता है कि जैसे ही भगवान ब्रह्मा ने वह कमल का पुष्प छोड़ा, वह तीन अलग-अलग स्थानों पर जा गिरा। जहां कमल का पहला पुष्प गिरा, वह स्थान बूढ़ा पुष्कर कहलाया। इसके बाद, दूसरा पुष्प जहां गिरा उसे मध्य पुष्कर के नाम से जाना गया और तीसरा पुष्प जिस पवित्र स्थान पर जाकर गिरा, वहां ब्रह्म पुष्कर का निर्माण हुआ। इन्हीं पौराणिक कारणों से पुष्कर के इन तीन क्षेत्रों को हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और दिव्य माना जाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप