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एक घंटा पहले
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सपनों का घर चुनते समय जल्दबाजी से बचें
अपना खुद का फ्लैट या घर खरीदना हर इंसान की जिंदगी के सबसे बड़े और अहम निवेशों में से एक होता है। इस बड़े फैसले को लेते समय किसी भी तरह की लापरवाही या जल्दबाजी भविष्य में भारी पड़ सकती है। अक्सर देखा जाता है कि लोग सस्ती कीमतों, लुभावने विज्ञापनों या केवल शानदार इंटीरियर और मॉडल फ्लैट को देखकर तुरंत बुकिंग का मन बना लेते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति का चुनाव सिर्फ बाहरी सजावट या विज्ञापनों के आधार पर कभी नहीं किया जाना चाहिए।
प्रॉपर्टी बिल्डर कल्याण सिंह का कहना है कि किसी भी फ्लैट में अपनी गाढ़ी कमाई लगाने से पहले खरीदारों को 5 बेहद महत्वपूर्ण बातों की गहन जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए। समय रहते बढ़ती सतर्कता आपको भविष्य में होने वाली आर्थिक और कानूनी परेशानियों से पूरी तरह सुरक्षित रख सकती है।
इन 5 मुख्य बातों को जरूर परखें
नया फ्लैट फाइनल करने से पहले नीचे दिए गए बिंदुओं की अच्छे से जांच कर लेना जरूरी है:
- लोकेशन और बुनियादी सुविधाएं: प्रॉपर्टी की लोकेशन कैसी है, वहां तक पहुंचना कितना आसान है और आसपास स्कूल, अस्पताल, मार्केट तथा सार्वजनिक परिवहन के साधन मौजूद हैं या नहीं, यह पहले ही देख लें।
- बिल्डर की साख: जिस बिल्डर से आप प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, उसका मार्केट में पुराना ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है और उसने पुराने प्रोजेक्ट्स समय पर डिलीवर किए हैं या नहीं, इसकी जानकारी हासिल करें।
- कानूनी दस्तावेज और स्वीकृतियां: जमीन और प्रोजेक्ट से जुड़े कानूनी कागजात पूरी तरह साफ-सुथरे होने चाहिए। इसके साथ ही रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन, बिल्डिंग प्लान का अप्रूवल और सभी आवश्यक सरकारी मंजूरियों की जांच जरूर करें।
- निर्माण की गुणवत्ता: इमारत के निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल में लाई जा रही सामग्री का सही मूल्यांकन करना आवश्यक है।
- कुल बजट: फ्लैट की मूल कीमत के साथ-साथ सभी छिपे और अतिरिक्त खर्चों को ध्यान में रखकर ही वास्तविक बजट तय करें।
कुल खर्चों को जोड़कर बनाएं अपना असली बजट
फ्लैट खरीदते समय कई लोग केवल उसकी बेसिक प्रॉपर्टी वैल्यू को ही अपना कुल बजट मान लेते हैं, जिससे बाद में उन्हें वित्तीय तंगी का सामना करना पड़ता है। बिल्डर कल्याण सिंह के मुताबिक, सही बजट वही होता है जिसमें रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी, पार्किंग, मेंटेनेंस और होम लोन की ईएमआई जैसे सभी खर्च शामिल किए जाएं। इन सभी शुल्कों को मिलाकर योजना बनाने से आप भविष्य में होने वाले आर्थिक और कानूनी नुकसान से बचे रह सकते हैं।
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