दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में घरों की कीमतों में उछाल, नई रिपोर्ट में हुआ खुलासा व्यापार 2 घंटे पहले 8
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में रेजिडेंशियल रियल एस्टेट की कीमतों में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट की स्थिति

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की हालिया रिसर्च रिपोर्ट ने भारत के रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट के मौजूदा रुझानों को उजागर किया है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो घरों की औसत कीमतों में साल-दर-साल 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही आधार पर तुलना करने पर जनवरी से मार्च की कीमतों की तुलना में इनमें 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में कीमतों में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई है।

प्रमुख बाजारों का प्रदर्शन और कीमतें

बेंगलुरु और गुरुग्राम के कई चुनिंदा प्रोजेक्ट्स ने पिछले कुछ वर्षों में बेहतरीन CAGR दर्ज किया है, जिसका सीधा असर मुख्य माइक्रो-मार्केट्स में कुल रियलाइजेशन बढ़ने पर पड़ा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के प्रमुख बाजारों में औसत प्रॉपर्टी रियलाइजेशन वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बढ़कर ₹9,629 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा बीते साल की इसी अवधि के मुकाबले 6 प्रतिशत अधिक है। यद्यपि पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 2 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने बिक्री वॉल्यूम में आई सुस्ती के असर को काफी हद तक संतुलित कर दिया है। इसी कारण कुल बिक्री मूल्य में सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है।

बिक्री वॉल्यूम और नए प्रोजेक्ट्स का हाल

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान भारत भर में घरों की कुल बिक्री 247 मिलियन वर्ग फुट रही है। यह आंकड़ा सालाना आधार पर तो 3 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 3 प्रतिशत की गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में काफी कमी देखी गई है। नए प्रोजेक्ट्स का लॉन्च 242 मिलियन वर्ग फुट पर सिमट गया, जो सालाना आधार पर 14 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 16 प्रतिशत कम है।

बाजार की हकीकत

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो वर्षों में रियल एस्टेट उद्योग की जो भी ग्रोथ हुई है, वह मुख्य रूप से प्रॉपर्टी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण है। बिक्री के वॉल्यूम में सुस्ती और दिल्ली-एनसीआर में दर्ज की गई गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार में अभी भी वास्तविक मांग को लेकर चुनौतियां बरकरार हैं। आने वाले समय में बिक्री वॉल्यूम में निरंतर सुधार ही बाजार में मजबूती का एक सटीक संकेत माना जाएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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