मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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खेती-किसानी को लेकर अक्सर कहा जाता है कि अगर हर काम सही समय पर हो जाए तो यह बड़े-बड़े कारोबार से भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। यही वजह है कि आजकल लोग खेती में नए-नए प्रयोग करने को लेकर खासे उत्साहित रहते हैं। कई लोग तो नौकरी छोड़कर खेती-बाड़ी में किस्मत आजमा रहे हैं और इसमें अच्छी-खासी सफलता भी हासिल कर रहे हैं।
मानसून सीजन की दस्तक और करीब 2 महीने के ब्रेक के बाद खेती-बाड़ी का काम फिर शुरू हो गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा फायदा उन किसानों को हो सकता है जो कमर्शियल खेती करते हैं, लेकिन कई बार उम्मीद के मुताबिक उत्पादन नहीं ले पाते।
कमर्शियल खेती में कौन-सी फसलें शामिल
कमर्शियल खेती के दायरे में अदरक, हल्दी, काली हल्दी, कचूर और अरबी जैसी फसलें आती हैं। मानसून सीजन नजदीक होने की वजह से किसान एक बार फिर इन फसलों की बुवाई करेंगे। लेकिन बुवाई से पहले खेत की तैयारी कैसे की जाए और किन बातों का ध्यान रखा जाए, यह विशेषज्ञ से जरूर समझ लेना चाहिए।
घास, खरपतवार और कचरा पहले हटाएं
सागर के कपूरिया में बीते 17 साल से खेती कर रहे प्रगतिशील युवा किसान आकाश चौरसिया बताते हैं कि मानसून आने से पहले ही किसानों को फसल बोने के लिए खेत तैयार कर लेना चाहिए। खेत में अगर किसी तरह की घास, खरपतवार या कचरा है तो उसे हटाकर ठीक से डिस्पोज कर देना चाहिए।
उनका कहना है कि बेड बनाकर तैयारी पहले से कर लेनी चाहिए, क्योंकि अक्सर देखा गया है कि मानसून शुरू होते ही लगातार बारिश होने लगती है। पानी गिरते रहने की वजह से किसान समय पर बुवाई नहीं कर पाते। बुवाई में देरी होने से फसल बिगड़ जाती है और कई बार तो हालात ऐसे बन जाते हैं कि बुवाई हो ही नहीं पाती। इसलिए खेत को पहले से तैयार रखना जरूरी है।
बीज उपचार और कंपोस्टिंग का रखें ध्यान
आकाश चौरसिया सलाह देते हैं कि बीजों को पहले उपचारित कर लें। इसके बाद अगर कंपोस्टिंग संभव हो और पानी की व्यवस्था मौजूद हो तो एक बार स्प्रिंकलर चलाकर कंपोस्टिंग भी कर देनी चाहिए। बेड बनाकर खेत को वैसे ही छोड़ देना चाहिए।
उनके मुताबिक, जैसे ही मानसूनी बारिश होगी और आपका खेत व बेड पहले से तैयार रहेंगे, तो यह चिंता नहीं करनी पड़ेगी कि खेत गीला है, ट्रैक्टर नहीं जा पाएगा या बैलगाड़ी नहीं चल पाएगी। ऐसी स्थिति में किसान सीधे खेत में जाकर बुवाई कर सकेंगे।
समय पर बुवाई से दोगुना फायदा
बेड की तैयारी पहले से हो जाने के कारण हल्दी, अदरक, कचूर और अरबी जैसी कमर्शियल फसलें अच्छा मुनाफा देती हैं। आकाश चौरसिया का कहना है कि अगर इन्हें समय पर बो दिया जाए तो किसान एक एकड़ से एक से लेकर ₹200000 तक का मुनाफा कमा सकते हैं।
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