बांकीपुर उपचुनाव: नेताओं की गिरफ्तारी पर प्रशांत किशोर का बड़ा हमला, बोले- 200 फीसदी हम ही जीतेंगे बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर मतदान के बीच प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। किशोर ने दावा किया कि सत्ताधारी दल के दबाव में पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं को बेवजह परेशान किया है।

पुलिस कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की हिरासत

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए चल रही वोटिंग के दौरान राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। किशोर का आरोप है कि मंगलवार की शाम से लेकर देर रात तक पुलिस ने जन सुराज के 16 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में रखा। उनके मुताबिक, पुलिस ने न तो इन लोगों की कोई आधिकारिक गिरफ्तारी दर्ज की और न ही यह स्पष्ट किया कि उन्हें किस कानूनी आधार पर हिरासत में लिया गया है।

प्रशासन पर मनमानी का आरोप

प्रशांत किशोर ने आगे बताया कि हिरासत में लिए गए पार्टी के साथियों को पहले अलग-अलग पुलिस थानों में रखा गया, जिसके बाद उन्हें दानापुर ले जाया गया। जब इस मामले की जानकारी पार्टी के पदाधिकारियों और मीडिया को मिली, तो पुलिस ने इन लोगों को शाहपुर थाने में स्थानांतरित कर दिया। किशोर के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है, तो उस पर विधिवत केस दर्ज होना चाहिए, लेकिन बिना किसी ठोस कारण के कार्यकर्ताओं को हिरासत में रखकर डराना लोकतांत्रिक परंपराओं के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस एक स्वतंत्र एजेंसी की तरह नहीं बल्कि किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की तरह व्यवहार कर रही है और बीजेपी तथा राज्य सरकार के इशारे पर जन सुराज को चुनाव प्रचार से दूर रखने का प्रयास कर रही है। जिन 10 नेताओं को उनके घरों से आधी रात को उठाया गया, वे पटना के ही निवासी हैं।

बीजेपी की रणनीतियों पर तीखा कटाक्ष

प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर चुनाव को अनुचित ढंग से प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने अपने विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और यहां तक कि फिल्मी कलाकारों को भी चुनाव प्रचार में उतारा, लेकिन उन्हें कोई जनसमर्थन नहीं मिला। इसके बाद एनडीए के अन्य सहयोगियों को मैदान में उतारा गया। किशोर ने यह भी दावा किया कि एक बीमार नीतीश कुमार का फर्जी वीडियो जारी करने की कोशिश की गई, जो बुरी तरह नाकाम रही। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान घर-घर जाकर वोट के बदले 1,000 से 1,500 रुपये बांटे गए, जिससे बिहार के भविष्य का अपमान हुआ। हालांकि, इन हथकंडों के बाद भी जनता नहीं डिगी।

जीत का दावा और मतदान की प्रक्रिया

रात के 3:00 बजे तक थाने में डटे रहने वाले जन सुराज के कार्यकर्ताओं की हौसला अफजाई करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि इन छोटी हरकतों से चुनावी अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान शुरू हो चुका है और हर बूथ पर जन सुराज के पोलिंग एजेंट मुस्तैदी से तैनात हैं। इसके अलावा, किशोर ने मतदाता पहचान पत्र यानी EPIC की जांच के भाजपा के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पहली बार एक सही कदम उठाया है। अंत में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों को लेकर उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि वे 200 फीसदी यह चुनाव जीतने जा रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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