छोटी बचत योजनाओं पर सरकार का बड़ा फैसला, लगातार 9वीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं फायदे की खबर 2 महीने पहले 70
केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई फेरबदल नहीं किया है। आगामी तिमाही के लिए पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि सहित तमाम योजनाओं पर पुरानी दरें ही लागू रहेंगी।

बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए अपडेट

देशभर के मध्यमवर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता देने वाले निवेशकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। यदि आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना या नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसी सरकारी योजनाओं में पैसा लगाते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को आगामी 1 जुलाई, 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर, 2026 तक चलने वाली वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। यह लगातार 9वीं बार है जब सरकार ने इन लोकप्रिय और जोखिम मुक्त योजनाओं पर मिलने वाले मुनाफे को पहले जैसा ही बनाए रखा है।

लगातार 9वीं तिमाही से स्थिर हैं दरें

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि के लिए ब्याज दरें वही रहेंगी, जो वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही यानी 1 अप्रैल, 2026 से 30 जून, 2026 के बीच प्रभावी थीं। उल्लेखनीय है कि सरकार ने आखिरी बार वित्तीय वर्ष 2023-24 की अंतिम तिमाही में ही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया था, जिसके बाद से लगातार इनमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

विभिन्न योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज

इस ताजा नोटिफिकेशन के बाद, पोस्ट ऑफिस और बैंकों के माध्यम से संचालित होने वाली प्रमुख बचत योजनाओं पर निवेशकों को मिलने वाली ब्याज दरें कुछ इस प्रकार हैं:

  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए बनाई गई इस योजना पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर जारी रहेगी, जो इसे सबसे आकर्षक बनाता है।
  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): टैक्स बचाने और सुरक्षित निवेश के लिए मशहूर पीपीएफ खाते पर निवेशकों को 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा।
  • नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC): एनएससी पर मिलने वाला ब्याज 7.7 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है।
  • मंथली इनकम स्कीम (MIS): जो निवेशक नियमित मासिक आय प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए इस योजना पर ब्याज दर 7.4 प्रतिशत तय की गई है।
  • किसान विकास पत्र (KVP): इस योजना पर 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर के साथ आपका निवेश 115 महीनों की अवधि में मैच्योर होगा।
  • अन्य जमा योजनाएं: तीन साल की अवधि वाले टर्म डिपॉजिट पर 7.1 प्रतिशत और सामान्य पोस्ट ऑफिस सेविंग्स डिपॉजिट पर 4 प्रतिशत का ब्याज मिलना पहले की तरह जारी रहेगा।

इस निर्णय से यह स्पष्ट है कि सरकार फिलहाल इन छोटी बचत योजनाओं में किसी भी प्रकार का आर्थिक बदलाव करने के मूड में नहीं है, जिससे करोड़ों निवेशकों को लंबी अवधि के वित्तीय नियोजन में स्थिरता का लाभ मिलेगा।

मनीष अग्रवाल पाबना के मार्केट्स संवाददाता हैं और शेयर बाजार, आईपीओ तथा निवेश के रुझानों पर रिपोर्टिंग करते हैं। सेंसेक्स-निफ्टी की चाल, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी को वे सहज भाषा में समझाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि छोटे निवेशक भी बाजार को बेहतर समझ सकें।

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