पाक अधिकृत कश्मीर में सेना का तांडव: रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन और रॉकेट से हमला, 18 की मौत विश्व 4 घंटे पहले 9
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बुनियादी हकों के लिए प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों पर सेना ने बर्बर हमला किया है। ड्रोन और रॉकेट के इस्तेमाल से हुई इस कार्रवाई में बच्चों समेत 18 लोगों की जान चली गई है।

रावलाकोट में पाकिस्तानी सेना की क्रूरता

पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद से महज 41 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रावलाकोट इलाके में पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की टुकड़ियों ने मानवाधिकारों की सारी मर्यादाएं लांघ दी हैं। पाकिस्तानी फौज ने यहां के निहत्थे नागरिकों के खिलाफ किसी विदेशी युद्ध की तरह आक्रामक रुख अपनाते हुए ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर्स का इस्तेमाल किया। स्थानीय लोगों का एकमात्र अपराध यह था कि वे पिछले 5 महीनों से अपने मूलभूत अधिकारों की बहाली के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। आज सुबह जब बस टर्मिनल पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए, तो पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें संभलने का मौका दिए बिना सीधे आरपीजी-7 रॉकेट से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले के बाद मची अफरा-तफरी के बीच सेना ने भाग रहे लोगों पर भी अंधाधुंध गोलियां बरसाईं।

घायलों की मदद करने वालों पर भी फायरिंग

इस वीभत्स घटना में अब तक 18 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जिनमें 4 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। सेना की क्रूरता का आलम यह था कि उन्होंने अपनों के शवों को उठाने तक की मोहलत नहीं दी। जो लोग अपने घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें भी पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस ने अपने निशाने पर लिया और उन पर सीधी गोलीबारी की।

हिंसा का मुख्य कारण और पृष्ठभूमि

PoK में अशांति की यह आग जून महीने से ही दहक रही है। ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर सरकार से सस्ते राशन और आटे की कीमतों में कटौती की मांग कर रहे हैं। हालांकि, शहबाज शरीफ सरकार ने जनता की मांगों को सुनने के बजाय आंदोलन के नेताओं को सलाखों के पीछे डाल दिया। ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी को प्रतिबंधित कर दिया गया और दमनकारी नीतियों के तहत लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों का दौर शुरू हुआ। जैसे ही पूरे क्षेत्र में पाकिस्तान से आजादी की मांग जोर पकड़ने लगी, सरकार ने सेना को आम जनता पर अत्याचार के लिए पूरी छूट दे दी।

ड्रोन और रॉकेट से घरों को बनाया निशाना

मुजफ्फराबाद में हुई फायरिंग के बाद जब आक्रोश कम नहीं हुआ और अन्य शहरों में आजादी मार्च निकले, तो सेना ने रावलाकोट में अपना खौफनाक चेहरा दिखाया। प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन से बम बरसाए गए और रॉकेट लॉन्चर के जरिए रिहायशी घरों को निशाना बनाया गया, जिससे कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं और पूरे इलाके में आग लग गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पाकिस्तानी रेंजर्स महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्श रहे हैं। लोगों का दावा है कि इस पूरे आंदोलन के दौरान अब तक करीब 150 से अधिक लोगों की जानें ली जा चुकी हैं।

पुलिसकर्मियों पर भी हमले का सिलसिला

हालिया हिंसा से दो दिन पहले ही एक अन्य घटना में पाकिस्तान में पोलियो अभियान को सुरक्षा दे रहे दो पुलिसकर्मियों को भी गोलियों से भून दिया गया था, जिसमें दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। PoK के हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप