भिवानी शिक्षिका मनीषा मौत मामला: कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को नकारा, दोबारा जांच के दिए निर्देश हरियाणा एक घंटा पहले 6
हरियाणा के भिवानी की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया है। पीड़ित परिवार ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की दिशा में एक बड़ी उम्मीद बताया है।

मामले में आई नई कानूनी मोड़

भिवानी की एक प्ले-स्कूल शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अदालत ने एक अहम फैसला सुनाया है। पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने मामले से जुड़ी क्लोजर रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पीड़ित परिजनों की तरफ से इस रिपोर्ट को अदालत में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फिर से जांच के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसी को मनीषा की मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए दोबारा प्रयास करने होंगे।

पिता ने जताई न्याय की उम्मीद

मनीषा के पिता संजय कुमार ने अदालत के इस रुख पर राहत की सांस ली है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोर्ट का यह फैसला उनके परिवार के लिए न्याय की एक नई उम्मीद लेकर आया है। संजय ने बताया कि सीबीआई ने लगभग डेढ़ साल तक मामले की पड़ताल की थी, लेकिन अंत में इसे आत्महत्या करार देते हुए कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी। परिजनों ने इस निष्कर्ष को सिरे से नकारते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

कानूनी पक्ष और आगे की रणनीति

परिजनों के वकील भगवान सिंह ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अदालत के आदेश के बाद अब एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इस मामले की जांच की कमान संभालेंगे। उन्होंने साफ कहा कि मामले में मौजूद तथ्य किसी भी हाल में आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करते थे, जबकि सीबीआई ने रिपोर्ट में इसे आत्महत्या बताया था। वकील ने जोर देकर कहा कि उनकी लड़ाई किसी सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे प्रशासन से मनीषा को न्याय दिलाने में सहयोग की उम्मीद करते हैं। वकील हर्ष मोहन सिंह ने भी इस याचिका में सुसाइड नोट की लिखावट, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी FSL रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पर गंभीर सवाल उठाए थे।

क्या है पूरा घटनाक्रम

यह मामला 11 अगस्त 2025 का है, जब भिवानी के ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली 19 वर्षीय मनीषा रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। इसके दो दिन बाद यानी 13 अगस्त 2025 को उसका शव सिंघानी गांव के खेतों से बरामद किया गया। शुरुआती दौर में स्थानीय पुलिस इसे खुदकुशी का मामला मान रही थी, लेकिन परिवार के कड़े विरोध और दबाव के चलते इस मामले को सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था। जांच एजेंसी ने 12 अगस्त 2026 को पंचकूला की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसे अब अदालत ने कानूनी रूप से निरस्त कर दिया है। अब सभी की निगाहें एक बार फिर से सीबीआई की नई जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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