बिहार मौसम अलर्ट: कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट बिहार एक महीने पहले 81
बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों में तापमान बढ़ने से उमस का भी सामना करना पड़ सकता है।

बिहार में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने राज्य के कई इलाकों के लिए मौसम की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले 24 से 48 घंटे बिहार के कई जिलों के लिए बेहद संवेदनशील हो सकते हैं। उत्तर-पूर्व बिहार और उसके आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ के सक्रिय होने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश और वज्रपात की स्थिति बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश के आंकड़े

बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी स्तर की बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश सिवान जिले के मैरवा में दर्ज की गई। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख स्थानों पर दर्ज की गई वर्षा इस प्रकार है:

  • सिवान के मैरवा में सर्वाधिक 75.6 मिमी भारी वर्षा दर्ज की गई।
  • कुर्साकांटा में 62.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
  • दरौली में 61.0 मिमी बारिश हुई।
  • सिकटी में 60.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
  • नरपतगंज में 53.1 मिमी बारिश हुई।
  • नौतन में 52.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

इसके अतिरिक्त, राजधानी पटना में इस अवधि के दौरान 43 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। इन तेज हवाओं के कारण जहां पेड़ों की टहनियां हिलती नजर आईं, वहीं पटना वासियों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत भी मिली। राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्के से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई है।

इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग यानी IMD पटना ने 13 जुलाई 2026 के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। भौगोलिक स्थिति और संवेदनशीलता के आधार पर जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है। सीमांचल और उसके आस-पास के जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं:

  • कटिहार और किशनगंज: इन दोनों जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इस दौरान क्षेत्र में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
  • अररिया, बांका, भागलपुर, मधेपुरा, पूर्णिया और सुपौल: इन जिलों के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से इन क्षेत्रों के किसानों को खेतों में न जाने और सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।
  • उत्तर-मध्य और दक्षिण-मध्य बिहार: इसके अलावा जमुई, खगड़िया, मुंगेर और सहरसा में भी आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और मध्यम स्तर की बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है।

अगले 48 घंटों में बढ़ेगी उमस वाली गर्मी

बारिश के इस दौर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला भी जारी है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कैमूर (भभुआ) में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मोतिहारी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान बिहार के अनेक स्थानों पर अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। तापमान बढ़ने के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इस अवधि के बीतने के बाद तापमान में एक बार फिर गिरावट आएगी, जिससे मौसम सुहाना हो जाएगा। अगले 5 दिनों तक राज्य के न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है और यह 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।

वज्रपात से बचाव के लिए IMD की गाइडलाइंस

भारी बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए IMD पटना ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतें। मौसम विभाग ने सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • आसमान में बिजली कड़कने या तेज आंधी-तूफान के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलजमाव वाले क्षेत्रों से तुरंत दूर हट जाएं।
  • यदि आप खुले खेतों या मैदान में हैं, तो जितनी जल्दी हो सके किसी पक्के मकान की शरण लें।
  • खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग से पूरी तरह बचें।
  • अत्यधिक भारी बारिश के कारण स्थानीय छोटी-बड़ी नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे शहरी और ग्रामीण इलाकों के निचले हिस्सों में जलजमाव की समस्या खड़ी हो सकती है। अचानक आने वाली बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाकर रखें।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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