बांकीपुर उपचुनाव 2026: क्या तेजस्वी यादव हार मान चुके हैं, उपेंद्र कुशवाहा ने साधा निशाना बिहार एक महीने पहले 67
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अपनी हार का अहसास हो गया है। कुशवाहा ने दावा किया कि तमाम कोशिशों के बावजूद जनता का समर्थन एनडीए के साथ ही है।

बांकीपुर उपचुनाव में सियासी पारा गर्म

बिहार की राजधानी पटना की हाई प्रोफाइल सीट बांकीपुर में होने वाले उपचुनाव ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। जैसे जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे वैसे तमाम राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। इस चुनावी रणक्षेत्र में एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन इस बार जन सुराज के प्रशांत किशोर के मैदान में आने से चुनावी समीकरण और भी दिलचस्प हो गए हैं। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से नीरज कुमार सिन्हा अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को प्रत्याशी के रूप में चुनावी समर में उतारा है।

तेजस्वी यादव पर उपेंद्र कुशवाहा का तीखा प्रहार

इस चुनावी सरगर्मी के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एनडीए के कद्दावर नेता उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर करारा हमला किया है। पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुशवाहा ने बांकीपुर में तेजस्वी यादव की सक्रियता को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को अब यह अच्छी तरह समझ आ गया है कि वे बांकीपुर में कितनी भी ताकत लगा लें, वे कुछ नहीं कर पाएंगे।

कुशवाहा ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव की यह भागदौड़ केवल रस्म अदायगी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तेजस्वी को जमीनी हकीकत का अंदाजा हो चुका है और उन्हें यह अहसास है कि जीत तो अंततः एनडीए की ही होगी। कुशवाहा के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि सत्ताधारी गठबंधन अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है और विपक्ष को कमजोर आंक रहा है।

विपक्ष की जिम्मेदारी पर भी की बात

उपेंद्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि भले ही तेजस्वी को परिणाम का पता हो, लेकिन एक विपक्षी नेता के तौर पर उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे जनता के बीच जाएं। कुशवाहा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि तेजस्वी जो घूम रहे हैं, वह केवल अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी पूरी करने की एक कोशिश है, जबकि चुनाव के नतीजे क्या आने वाले हैं, यह बात विपक्ष के नेता के मन में भी स्पष्ट है। उनका मानना है कि जनता का मूड पूरी तरह से स्पष्ट है और बांकीपुर की जनता भारी बहुमत के साथ एनडीए प्रत्याशी का समर्थन करने के लिए तैयार बैठी है।

सेमीफाइनल की तरह देखा जा रहा चुनाव

बांकीपुर का यह उपचुनाव केवल एक सीट का मुकाबला नहीं है, बल्कि बिहार की सियासत में इसे आगामी बड़े चुनावों के लिए एक सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे राज्य में राजनीतिक हवा के रुख को निर्धारित कर सकते हैं। यही कारण है कि जहां तेजस्वी यादव स्वयं इस पूरी चुनावी प्रक्रिया की कमान संभाल रहे हैं और अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, वहीं एनडीए के घटक दल भी आपसी तालमेल के साथ आक्रामक चुनाव प्रचार करने में लगे हुए हैं।

कुशवाहा के ताजा बयानों ने बांकीपुर के चुनावी माहौल को और भी अधिक गरमा दिया है। एक तरफ जहां उन्होंने तेजस्वी यादव के वजूद और उनकी चुनावी संभावनाओं पर सवाल उठाया है, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने एनडीए की जीत का दावा पेश कर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश की है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आरजेडी और खुद तेजस्वी यादव इस हमले का कोई पलटवार करते हैं या वे चुनाव प्रचार पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखना पसंद करेंगे। बांकीपुर की जनता का असली फैसला क्या होगा, यह तो मतदान और उसके नतीजों के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन फिलहाल पटना की सड़कों पर सियासी बयानबाजी का शोर पूरी तरह छाया हुआ है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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