बिहार में जल्द होगी बंपर भर्ती, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने TRE-4 के तहत 20 हजार से अधिक पदों का किया ऐलान बिहार एक दिन पहले 5
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक कार्यक्रम के दौरान राज्य में शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया और ट्रांसफर नीति को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।

TRE-4 भर्ती को लेकर शिक्षा मंत्री का बड़ा वादा

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के युवाओं के लिए एक बेहद उत्साहजनक घोषणा की है। न्यूज़18 इंडिया के डायमंड स्टेट्स समिट में हिस्सा लेते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया यानी TRE-4 के माध्यम से 20 हजार से भी अधिक शिक्षकों की नियुक्तियां करने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने इस भर्ती प्रक्रिया से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और बहुत जल्द ही आधिकारिक तौर पर प्रक्रिया का शुभारंभ कर दिया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में शिक्षकों की कमी को दूर करना और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना है।

शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल की सौगात

भर्ती के अलावा, शिक्षा मंत्री ने लंबे समय से प्रतीक्षित शिक्षकों के स्थानांतरण यानी ट्रांसफर के मुद्दे पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक काफी समय से अपने पसंदीदा स्थान पर ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार इस महीने के अंत तक एक विशेष ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल शुरू करने जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा और शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन करने में काफी आसानी होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि पूरी स्थानांतरण प्रणाली में स्पष्टता भी आएगी।

नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर तीखी प्रतिक्रिया

नीट पेपर लीक मामले पर अपनी बात रखते हुए मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसे एक दुखद घटना करार दिया। हालांकि, उन्होंने हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों को लेकर एक अलग नजरिया पेश किया। मंत्री का मानना है कि इन आंदोलनों में केवल छात्र ही शामिल नहीं थे, बल्कि कई असामाजिक तत्वों और राजनीतिक संगठनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूहों ने इन प्रदर्शनों को राजनीतिक रंग देकर माहौल को खराब करने का प्रयास किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने सत्ता से कहीं अधिक युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दी है और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है।

मॉडल स्कूलों का रंग और राजनीति

बिहार में बनाए जा रहे मॉडल स्कूलों के भगवा रंग को लेकर छिड़े विवाद पर भी मंत्री ने खुलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भगवा रंग को केवल एक राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है। उनके अनुसार, यह रंग सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सरकार राज्य में बेहतर शैक्षणिक माहौल और बुनियादी ढांचे के साथ आदर्श स्कूल विकसित कर रही है, और इसमें किसी प्रकार की राजनीति को जोड़ना अनुचित है।

शिक्षा सुधार की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता

अपनी बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार बिहार की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। चाहे वह पारदर्शी तरीके से शिक्षक भर्ती करना हो, शिक्षकों के लिए ऑनलाइन पोर्टल लाना हो या फिर स्कूलों में बेहतर सुविधाएं प्रदान करना हो, सरकार हर स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इन सुधारों का सकारात्मक परिणाम युवाओं को मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने अंत में फिर से दोहराया कि आने वाले दिनों में भर्ती प्रक्रिया को गति दी जाएगी ताकि समय रहते रिक्त पदों को भरा जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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