बिहार की राजनीति में नया दांव, राहुल गांधी और अखिलेश यादव को तेजस्वी यादव ने क्यों दिया न्योता? बिहार एक दिन पहले 5
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और अब विपक्षी दिग्गजों को बिहार बुलाकर सियासी समीकरण साधने की तैयारी में हैं।

तेजस्वी यादव की बढ़ती सक्रियता

बांकीपुर उपचुनाव में आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता की जमानत जब्त होने के बाद से बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव अब प्रदेश की राजनीति में पहले से कहीं अधिक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने शुक्रवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीवान में हुई एके 47 फायरिंग की घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया और इसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है।

राहुल और अखिलेश को बिहार आने का आमंत्रण

कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने के साथ ही तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को भी बिहार की राजनीति में जोड़ने का बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को बिहार आने का आधिकारिक न्योता दिया है। इस निमंत्रण को राजनीतिक गलियारों में एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है तेजस्वी की सियासी रणनीति?

तेजस्वी यादव के इस कदम के पीछे कई महत्वपूर्ण सियासी कारण माने जा रहे हैं:

  • विपक्ष को एकजुट करना: राहुल गांधी और अखिलेश यादव को बुलाकर तेजस्वी यादव राज्य में विपक्षी गठबंधन को अधिक मजबूती और धार देने की कोशिश कर रहे हैं।
  • राष्ट्रीय ध्यानाकर्षण: सीवान फायरिंग जैसे मामलों को राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के जरिए उठाकर वे इसे बड़े मुद्दे में तब्दील करना चाहते हैं, ताकि जनता के बीच संदेश जाए कि वे प्रदेश के मसलों पर गंभीर हैं।
  • उपचुनाव की हार से उबरना: बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद आरजेडी के मनोबल को बढ़ाने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए भी यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
  • वर्चस्व की लड़ाई: इंडिया गठबंधन के बड़े चेहरों को बिहार लाकर तेजस्वी यादव यह जताना चाहते हैं कि बिहार की राजनीति में वे विपक्षी खेमे के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।

अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव के दौरे से बिहार की राजनीति में किस तरह के नए समीकरण बनते हैं और आरजेडी को इसका कितना राजनीतिक लाभ मिल पाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप