पटना: 108 फीट लंबी विशाल कांवर लेकर देवघर के लिए रवाना हुए शिवभक्त, आस्था का अद्भुत नजारा बिहार 2 घंटे पहले 4
पटना के कंकड़बाग से सावन के पावन महीने में एक बेहद खास और विशाल 108 फीट लंबी कांवर यात्रा शुरू हुई है, जो सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर पहुंचेगी।

सावन की भक्ति में डूबा पटना

सावन का महीना चल रहा है और इस दौरान पटना का कंकड़बाग पूरी तरह से शिवमय हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी सावन की दूसरी सोमवारी से ठीक एक दिन पहले श्रद्धालुओं का एक बड़ा समूह पटना से बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा के लिए निकल पड़ा है। योगीपुर शिव मंदिर से शुरू हुई यह कांवर यात्रा अपनी 108 फीट लंबी कांवड़ के कारण हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

108 फीट की कांवर का महत्व

इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 108 फीट लंबी कांवड़ है। धार्मिक दृष्टि से हिंदू धर्म में 108 अंक का अत्यधिक महत्व माना जाता है, यही कारण है कि शिवभक्तों ने इतनी विशाल कांवड़ तैयार की है। इस कांवड़ को अत्यंत सुंदरता और बारीकी के साथ सजाया गया है। इसमें भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों के अलावा अन्य धार्मिक प्रतीकों को भी उकेरा गया है। इसके अलावा, इस कांवड़ पर 12 ज्योतिर्लिंगों के चित्र भी अंकित किए गए हैं, जो इसे देखने में और भी भव्य और दिव्य बनाते हैं।

सुल्तानगंज से देवघर तक का सफर

योगीपुर शिव मंदिर से रवाना हुआ यह जत्था सबसे पहले सुल्तानगंज पहुंचेगा। वहां पवित्र गंगा नदी में स्नान करने के बाद भक्त गंगा का जल भरेंगे। इस जल को अपने कंधों पर उठाकर कांवरिए पैदल ही बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की ओर प्रस्थान करेंगे। देवघर पहुंचकर ये श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर गंगाजल अर्पित करेंगे और देश व समाज की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे।

श्रद्धालुओं का अटूट उत्साह

इस भव्य कांवर यात्रा में समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हुए हैं। यात्रा में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। पूरा वातावरण 'बोल बम' के जयकारों और भक्ति गीतों से गुंजायमान हो रहा है। ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ जब यह जत्था आगे बढ़ रहा था, तो रास्ते भर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ इसे देखने के लिए उमड़ पड़ी। हर कोई इस अद्भुत आस्था को अपने मोबाइल में कैद करता और अपनी पलकों पर बिठाता नजर आया।

धार्मिक परंपरा का अनोखा स्वरूप

शिव भक्तों के बीच हर साल सावन के दौरान नई-नई चुनौतियों और अनूठी कांवड़ यात्राओं का चलन बढ़ रहा है। योगीपुर शिव मंदिर से निकलने वाली यह विशाल कांवर यात्रा भी इसी परंपरा का एक हिस्सा है, जो बरसों से भक्तों के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है। भक्त भगवान शिव की अनन्य आराधना करते हुए और रास्ते भर भजन-कीर्तन गाते हुए पूरी ऊर्जा के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। रास्ते में भी जगह-जगह लोगों ने इस जत्थे का स्वागत किया और उनकी यात्रा सफल होने की कामना की।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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