बिहार में 60 दिनों का बदलाव: बीजेपी ने सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश कर गिनाईं बड़ी उपलब्धियां बिहार 2 महीने पहले 67
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल के शुरुआती 60 दिन पूरे होने पर बिहार भाजपा ने अपनी उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया है, जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और विकास कार्यों को प्रमुखता दी गई है।

सम्राट चौधरी सरकार का 60 दिवसीय रिपोर्ट कार्ड

बिहार में नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल के 60 दिन पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण जारी किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरकार के अब तक के फैसलों को रेखांकित किया। नीरज कुमार के अनुसार, 15 अप्रैल को पदभार ग्रहण करने के बाद से ही मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सक्रियता और विकास कार्यों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो महीनों की कार्यशैली ने राज्य में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है, जिसके चलते आम जनता में मुख्यमंत्री के प्रति भरोसा बढ़ा है और उन्हें अब 'जन सम्राट' के नाम से संबोधित किया जाने लगा है।

भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यभार संभालते ही पहली कैबिनेट बैठक में यह संदेश दे दिया था कि राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार की ओर से जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू किया गया है, जिसका असर अब प्रशासनिक व्यवस्था में भी दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना सरकार का मुख्य एजेंडा रहा है, जिससे आम आदमी को सीधा लाभ मिल रहा है।

शहरी विकास के लिए सैटेलाइट टाउनशिप का तोहफा

बिहार के शहरीकरण की दिशा में सरकार के एक बड़े कदम के रूप में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना का जिक्र किया गया। नीरज कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य पटना और भागलपुर जैसे बड़े शहरों पर बढ़ते जनसंख्या के दबाव को नियंत्रित करना है। इन टाउनशिप के विकसित होने से राज्य के लोगों को आधुनिक सुविधाओं से लैस नए शहरी आवास और संसाधन उपलब्ध होंगे, जो बिहार के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से बदल देंगे।

शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव की कोशिश

नीरज कुमार ने शिक्षा क्षेत्र में लिए गए निर्णयों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के जिला स्कूलों के कायाकल्प के लिए सरकार ने 800 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य के 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को घर के नजदीक ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल मिल सके।

सहयोग कार्यक्रम से शिकायतों का त्वरित समाधान

जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समयबद्ध निपटारे के लिए शुरू की गई 'सहयोग' पहल का भी विशेष उल्लेख किया गया। भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि एक समर्पित हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और पंचायत स्तर पर आयोजित किए जा रहे शिविरों के माध्यम से लोगों की शिकायतों को सुना जा रहा है। इस व्यवस्था से लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है और काम में तेजी आई है।

महिला सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ने 'पुलिस दीदी' नामक एक नई पहल की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के पास महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। साथ ही, नबीनगर में आईटीआई की मंजूरी और बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक अलग फोरम के गठन को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय बताया गया है।

प्रगति पुरुष के रूप में सम्राट चौधरी की पहचान

अपनी प्रेस वार्ता के अंत में नीरज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विकास, शिक्षा सुधार और जन शिकायतों के निपटारे पर जिस तरह से काम कर रहे हैं, उससे वे एक 'प्रगति पुरुष' के तौर पर स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुशासन की परंपरा को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन 60 दिनों में लिए गए निर्णयों ने बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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