रांची आरएसएस दफ्तर पर पेट्रोल बम हमला: अब NIA करेगी जांच, 4 राज्यों से जुड़े हैं तार बिहार एक घंटा पहले 1
रांची के निवारणपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA को सौंप दी गई है। इस मामले में आरोपियों के संबंध चार राज्यों से होने की पुष्टि हुई है।

झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता और इसके राष्ट्रीय स्तर के संपर्कों को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी जांच का जिम्मा अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA को सौंप दिया है। इससे पहले इस मामले की जांच झारखंड पुलिस की विशेष इकाई एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) कर रही थी। हालांकि, अब इस मामले में आतंकी कोण और अन्य राज्यों से जुड़े संपर्कों की आशंका को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी ने मामले की कमान अपने हाथ में ले ली है।

गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला: ATS से NIA को ट्रांसफर हुआ मामला

रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। शुरुआती जांच में कुछ ऐसे सुराग मिले जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह हमला केवल स्थानीय स्तर की कोई सामान्य घटना नहीं है। मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तुरंत हस्तक्षेप किया और औपचारिक रूप से जांच की जिम्मेदारी NIA को ट्रांसफर करने के आदेश जारी किए। जांच सौंपे जाने के बाद अब इस मामले की परतें और गहराई से खोली जाएंगी।

कड़ी धाराएं जुड़ीं: UAPA और विस्फोटक अधिनियम लागू

इस हमले को एक सोची-समझी साजिश के रूप में देखा जा रहा है। जांच को अधिक मजबूत और व्यापक बनाने के लिए इस मामले में अत्यंत सख्त कानूनी धाराएं जोड़ी गई हैं। जांच एजेंसियों ने अब इस मामले में निम्नलिखित कड़ी धाराएं लागू कर दी हैं:

  • गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की विभिन्न धाराएं।
  • विस्फोटक अधिनियम (Explosive Substances Act) के कड़े प्रावधान।

इन कड़े कानूनों के लागू होने के बाद, अब जांच एजेंसियों के पास आरोपियों से गहन पूछताछ करने और साजिश की तह तक जाने के लिए अधिक कानूनी अधिकार मिल गए हैं। इससे जांच का दायरा भी काफी बढ़ गया है और इस साजिश में शामिल किसी भी देशविरोधी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।

चार राज्यों तक फैले हैं आरोपियों के तार

शुरुआती जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नेटवर्क केवल झारखंड तक ही सीमित नहीं है। जांच अधिकारियों को इस हमले के पीछे एक बड़ा और संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। आरोपियों के संबंध भारत के कई महत्वपूर्ण हिस्सों से जुड़े पाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • झारखंड (घटनास्थल और स्थानीय स्तर पर सहयोग)
  • उत्तर प्रदेश (संदिग्ध नेटवर्क और संपर्क)
  • दिल्ली (साजिश के संभावित सूत्रधार)
  • मुंबई (वित्तीय या अन्य प्रकार की सहायता के स्रोत)

इतने बड़े पैमाने पर फैले नेटवर्क को देखते हुए ही झारखंड पुलिस की ATS के स्थान पर NIA जैसी केंद्रीय एजेंसी को जांच में लगाना आवश्यक समझा गया ताकि अंतर-राज्यीय समन्वय के साथ आरोपियों पर शिकंजा कसा जा सके।

ATS ने सौंपी केस डायरी, शुक्रवार से शुरू होगी नई जांच

जांच के इस बदलाव के तहत अब तक की प्रगति को नए अधिकारियों के साथ साझा कर दिया गया है। मामले की जांच कर रही झारखंड ATS ने अब तक जुटाए गए सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य, डिजिटल दस्तावेज, गवाहों के बयान और विस्तृत केस डायरी पूरी तरह से NIA को सौंप दी है। अब NIA इसी केस डायरी और बरामद सबूतों के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, NIA की एक विशेष टीम शुक्रवार को रांची पहुंचने वाली है। रांची पहुंचने के तुरंत बाद टीम निवारणपुर स्थित घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करेगी। इसके साथ ही, इस मामले में पहले से गिरफ्तार किए गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर नए सिरे से पूछताछ की जाएगी। केंद्रीय एजेंसी का मुख्य ध्यान इस बात पर रहेगा कि इस पूरी घटना का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और पेट्रोल बम हमले के लिए धन तथा अन्य संसाधन कहां से मुहैया कराए गए थे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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