लालू के जन्मदिन पर छोटू छलिया की गायकी पर मुग्ध हुईं राबड़ी देवी, हाथ का हीरे का कंगन उतारकर किया भेंट बिहार एक महीने पहले 17
पटना में लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह में भोजपुरी गायक छोटू छलिया की प्रस्तुति से प्रभावित होकर राबड़ी देवी ने उन्हें अपना डायमंड कंगन भेंट कर दिया। गायक के अनुसार इससे पहले उन्हें सोने की चैन और अंगूठी भी मिल चुकी है।

बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह में भोजपुरी गायक छोटू छलिया ने अपने गीतों से ऐसा रंग जमाया कि पूरा माहौल झूम उठा। उनकी प्रस्तुति से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने अपने हाथ में पहना डायमंड का कंगन उतारकर गायक को भेंट कर दिया और इस तरह उन्हें सम्मानित किया। इस पल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

कौन हैं छोटू छलिया

छोटू छलिया का असली नाम रामशरण यादव है। उनका जन्म 25 नवंबर 1991 को हुआ था और इस समय उनकी उम्र लगभग 34-35 साल है। भोजपुरी लोकगायन की दुनिया में वे एक जाना-पहचाना बड़ा नाम हैं। उनका नाता बिहार के भोजपुर (आरा) क्षेत्र से है और वे मुख्य रूप से भोजपुरी तथा मगही लोकगीतों के लिए प्रसिद्ध हैं।

उनके ठेठ देहाती अंदाज, माटी की महक और सरल भाषा में गाए गीत आम लोगों के दिल को सीधे छू जाते हैं। वे कई भोजपुरी फिल्मों और एल्बमों से भी जुड़े रहे हैं। उनके चर्चित गीतों में ‘राही गालो बेटवा तोर’, ‘सुनी अरजिया हे छठी माई’, ‘बाबा चिलम चरयबो हो’, ‘रंगे तो निचवा खोल के’ के साथ-साथ कई अन्य लोक और भक्ति गीत शामिल हैं, जिन्हें भोजपुरी श्रोताओं ने खूब सराहा है।

संघर्ष से शोहरत तक का सफर

छोटू छलिया को बचपन से ही लोक संगीत का शौक रहा। रामशरण यादव से छोटू छलिया बनने की उनकी कहानी भी संघर्ष से भरी रही है। उन्होंने पारंपरिक चैता, सोहर, कजरी से लेकर आधुनिक भोजपुरी गीतों तक को अपनी आवाज दी। उनका गाना ‘हाय रे होठ लाली’ उनके करियर का सबसे बड़ा हिट साबित हुआ, जिसने उन्हें रातोंरात लोकप्रियता दिला दी।

भोजपुरी संगीत प्रेमियों के बीच उनकी पहचान ऐसे लोकगायक की है, जो अपनी दमदार आवाज और मंचीय प्रस्तुति से श्रोताओं को बांधे रखते हैं। वे अक्सर महागठबंधन और यादव समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों में गाते दिखाई देते हैं। उनकी सफलता का राज उनकी माटी से जुड़ी आवाज और जनता की भावनाओं को समझने की क्षमता है। आज वे बिहार के सबसे लोकप्रिय लोक-भोजपुरी गायकों में गिने जाते हैं और राबड़ी देवी से मिला यह डायमंड कंगन उनके करियर की एक और यादगार उपलब्धि बन गया है।

गीतों पर मंत्रमुग्ध हुआ पूरा परिवार

छोटू छलिया के गीत सुनकर राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव दोनों मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान लालू की बेटियां भी कलाकारों पर नोट उड़ाती रहीं, जबकि राबड़ी देवी नोट की गड्डी लेकर बैठी नजर आईं और नृत्य कर रही नर्तकियों को उन्होंने अपने हाथों से पैसे दिए। इसी बीच उन्होंने अपने हाथ में पहना हीरे का कंगन भी छोटू छलिया को भेंट कर दिया।

‘यह मां का प्यार है’

राबड़ी देवी से हीरे का कंगन पाकर छोटू छलिया खुशी से उछल पड़े और कहने लगे कि डायमंड का कंगन उन्हें मां के हाथ से मिला है। उन्होंने बताया कि राबड़ी मां हमेशा उन्हें कुछ न कुछ देती रहती हैं, क्योंकि वे उनके बेटे हैं, कोई नेता नहीं।

सबसे पहले मुझे सोने की चैन मिली थी, उसके बाद सोने की अंगूठी मिली और अब हीरे का कंगन मिला है। यह कितने का है, मुझे नहीं मालूम। इसे राजमाता राबड़ी देवी ने मुझे गिफ्ट किया है। यह मां का प्यार है, जो मुझे मिला है।

उन्होंने यह भी बताया कि इसके अलावा उन्हें पैसा भी मिलता है और जहां क्रेडिट चेक रखा हुआ है, वहां से जाने के बाद वह राशि भी उन्हें मिलेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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