"भाजपा को उसके गढ़ बांकीपुर में हराएगी जनसुराज", प्रशांत किशोर का बड़ा दावा; भरत तिवारी एनकाउंटर पर न्यायिक जांच की मांग बिहार एक महीने पहले 69
जनसुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उनकी पार्टी भाजपा को पराजित करेगी। इसके साथ ही उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले सहित मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल के सभी एनकाउंटरों की न्यायिक जांच की मांग की है।

बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की कोशिशों में जुटे जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने सत्तारूढ़ दल पर जोरदार हमला बोला है। वैशाली जिले के हाजीपुर में आयोजित एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार के राजनीतिक परिदृश्य और हालिया घटनाक्रमों को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले दावे किए। इस दौरान उन्होंने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले आगामी उपचुनाव से लेकर राज्य में हाल ही में हुए कथित पुलिस एनकाउंटरों तक के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनकी पार्टी जनसुराज आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उसी के सबसे मजबूत गढ़ में शिकस्त देने का माद्दा रखती है।

बांकीपुर के चुनावी रण में भाजपा को चुनौती देगी जनसुराज

प्रशांत किशोर ने हाजीपुर के मंच से कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुराज पार्टी इस उपचुनाव में पूरी ताकत और तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रही है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि बांकीपुर की राह भाजपा के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं होने वाली है। प्रशांत किशोर का दावा है कि जनसुराज इस बार भाजपा को उसके सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले क्षेत्र में भी हराने का काम करेगी।

गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग द्वारा बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों का एलान पहले ही किया जा चुका है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि चुनाव के नतीजे 3 अगस्त को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव को जनसुराज के लिए एक बड़े राजनीतिक परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है।

भरत तिवारी एनकाउंटर पर उठाए सवाल, न्यायिक जांच की मांग

सम्मेलन के दौरान प्रशांत किशोर ने हाल ही में चर्चा में रहे भरत तिवारी एनकाउंटर मामले का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने इस मुठभेड़ पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सूबे के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल के दौरान हुए सभी पुलिस एनकाउंटरों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। प्रशांत किशोर ने कहा कि शासन और कानून व्यवस्था के नाम पर होने वाले इन एनकाउंटरों की हकीकत सामने आना बेहद जरूरी है।

प्रशांत किशोर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य में जितने भी एनकाउंटर हुए हैं, उन सभी मामलों की एक निष्पक्ष न्यायिक जांच बिठाई जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह से कानून और नियमों के दायरे में रहकर की गई है, तो सरकार को जांच से डरना नहीं चाहिए क्योंकि जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर, यदि इन मुठभेड़ों में किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

राममंदिर घटना और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर तैयारी की नसीहत

बैठक में प्रशांत किशोर ने अयोध्या के राममंदिर से जुड़े हालिया विवाद और घटनाक्रमों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हाल ही में घटित हुई इस घटना से देश और प्रदेश के करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो भी लोग इस संवेदनशील मामले में लापरवाही बरतने या इसे प्रभावित करने के लिए जिम्मेदार हैं, देश का समाज उन्हें अपने तरीके से सबक सिखाएगा। प्रशांत किशोर के अनुसार, जनता ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करने वाली है।

हाजीपुर में जुटे जनसुराज के हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति साझा की। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बिना समय गंवाए पार्टी के संगठन को सीधे बूथ स्तर तक ले जाएं और उसे और अधिक धारदार बनाएं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में जनसुराज बिहार की जनता के बुनियादी मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर चुनावी मैदान तक पुरजोर तरीके से संघर्ष करेगी और राज्य के लोगों के सामने एक मजबूत और ईमानदार वैकल्पिक राजनीति का विकल्प प्रस्तुत करेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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