पटना पुलिस फायरिंग केस में नया मोड़: मुठभेड़ में गोली लगने से घायल कुख्यात हैदर की इलाज के दौरान मौत
बिहार
एक घंटा पहले
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पटना पुलिस पर हुई फायरिंग के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। मसौढ़ी थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में सिर्फ दो पुलिस अधिकारी ही घायल नहीं हुए, बल्कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मोहम्मद हैदर नाम का एक कुख्यात अपराधी भी गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में घायल दोनों पुलिस पदाधिकारियों का इलाज पटना एम्स में चल रहा है और बताया जा रहा है कि फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाल बिछाकर रची गई थी लूट की साजिश
इस सनसनीखेज मामले की पुष्टि करते हुए पटना के नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि 12 जून की रात मसौढ़ी थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मनीचक गांव के पास एक खेत में 5 से 6 अपराधी एक युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीट रहे हैं। मामला अपहरण और युवक की जान को गंभीर खतरे से जुड़ा हुआ था।
सूचना मिलते ही सादी वर्दी में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने भी विधिसम्मत तरीके से जवाबी फायरिंग की।
अपर थानाध्यक्ष और एएसआई को लगी गोली
अपराधियों की ओर से की गई गोलीबारी में मसौढ़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार और एएसआई संजय कुमार गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तुरंत पटना एम्स में भर्ती कराया गया। इसी दौरान पुलिस टीम ने मौके से बंधक बनाए गए युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया।
पूछताछ में पीड़ित युवक ने बताया कि अपराधियों ने उसे ओएलएक्स पर मोबाइल खरीदने के बहाने झांसा देकर बुलाया था। मौके पर पहुंचते ही हथियारों के बल पर उसका अपहरण कर लिया गया और लूटपाट शुरू कर दी गई।
पारस अस्पताल में इलाज के दौरान हैदर की मौत
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जवाबी गोलीबारी में कुख्यात मोहम्मद हैदर भी गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे उसके साथी मौके से भगा ले गए थे। हैदर को पहले पुनपुन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर पीएमसीएच ले जाया गया। इसके बाद उसे राजाबाजार स्थित पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, हैदर महज तीन महीने पहले ही हत्या के एक मामले में जेल से छूटकर बाहर आया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए हैं।
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