सोमनाथ यात्रा से लौटे श्रद्धालु ने बयां किया अपना अनुभव, बोले - वीआईपी जैसा मिला सम्मान और सुविधाएं बिहार 46 मिनट पहले 3
बिहार सरकार की विशेष पहल पर सोमनाथ धाम की यात्रा से लौटे सहरसा के अरुण यादव ने सफर को बेहद सुखद और यादगार बताया है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें मिली व्यवस्थाएं किसी वीआईपी के समान थीं।

बिहार सरकार की तीर्थ यात्रा से लौटे श्रद्धालु

बिहार सरकार की ओर से गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के दर्शन के लिए आयोजित की गई विशेष तीर्थ यात्रा पूरी हो गई है। इस यात्रा में हिस्सा लेने के बाद पटना वापस लौटे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। सहरसा जिले के निवासी अरुण यादव, जो कि इस यात्रा में शामिल हुए थे, ने अपना अनुभव साझा करते हुए इसे अपने जीवन का एक अत्यंत सुखद और यादगार सफर बताया है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जिस तरह की व्यवस्थाएं मिलीं, उसकी उन्होंने पहले कभी कल्पना भी नहीं की थी। उनके अनुसार, पूरे सफर में उन्हें एक वीआईपी जैसी सुख-सुविधाएं और सम्मान प्राप्त हुआ।

यात्रा की शुरुआत और विशेष किट

इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत 20 जुलाई को पाटलिपुत्र जंक्शन से हुई थी। बिहार के करीब 1100 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई इस विशेष ट्रेन को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। सहरसा से आए अरुण यादव ने बताया कि जब वे पाटलिपुत्र जंक्शन पहुंचे, तो सरकार की ओर से सभी यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। सभी यात्रियों को एक विशेष यात्रा किट प्रदान की गई, जिसमें एक बैग, ग्लास, गंगाजल, गमछा, टूथपेस्ट, टूथब्रश और स्नैक्स के पैकेट जैसी तमाम उपयोगी चीजें मौजूद थीं। इतना ही नहीं, सुरक्षा और व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हर यात्री को एक पहचान पत्र भी दिया गया था, जिस पर यात्री का नाम, मोबाइल नंबर, कोच और सीट नंबर स्पष्ट रूप से अंकित था।

ट्रेन के भीतर की सुविधाएं

अरुण यादव ने बताया कि सफर के दौरान ट्रेन के अंदर की व्यवस्थाएं बेहद उच्च स्तर की थीं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और ऐसा महसूस होता था मानो कोई मंत्री या विधायक यात्रा कर रहा हो। ट्रेन के भीतर यात्रियों को पानी, चाय और अन्य किसी भी आवश्यकता के लिए खुद कुछ नहीं मांगना पड़ता था, क्योंकि सारा कुछ समय से पहले ही उपलब्ध करा दिया जाता था। सभी श्रद्धालुओं को एसी कोच में यात्रा कराई गई। खाने-पीने की गुणवत्ता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सुबह के नाश्ते से लेकर रात के भोजन तक, हर चीज बहुत स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण थी।

गुजरात में भव्य स्वागत और होटल व्यवस्था

जब यह स्पेशल ट्रेन गुजरात पहुंची, तो वहां के स्टेशन पर श्रद्धालुओं का ढोल-नगाड़ों के साथ शानदार स्वागत किया गया। इसके बाद सभी यात्रियों को बसों के जरिए होटल ले जाया गया। ये होटल बेहद आरामदायक और पूरी तरह से वातानुकूलित थे। अरुण यादव ने बताया कि भोजन के समय का अनुशासन भी काफी अच्छा था। खाना तैयार होने पर फोन के जरिए यात्रियों को सूचना दी जाती थी, जिसके बाद सभी एक साथ हॉल में भोजन के लिए जुटते थे। वहां बुफे की व्यवस्था की गई थी, जो काफी व्यवस्थित थी।

धार्मिक स्थलों के दर्शन और नि:शुल्क यात्रा

इस पांच दिवसीय यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं को केवल सोमनाथ मंदिर ही नहीं, बल्कि उसके आसपास के अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कराए गए। इस दौरान उन्हें समुद्र के दर्शन करने का अवसर भी मिला, जिसे उन्होंने एक बेहद सुखद अनुभव बताया। दर्शन और भ्रमण का कार्यक्रम पूरा होने के बाद, सभी श्रद्धालु उसी विशेष ट्रेन से सुरक्षित वापस पटना लौट आए। सबसे खास बात यह रही कि इस पूरी यात्रा के दौरान रहने, खाने-पीने, भ्रमण और अन्य सभी सुविधाएं बिहार सरकार की तरफ से पूरी तरह से नि:शुल्क प्रदान की गईं।

सरकार के प्रति आभार

अपनी बात समाप्त करते हुए अरुण यादव ने बिहार सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतनी बेहतरीन और सुव्यवस्थित धार्मिक यात्रा की उम्मीद उन्होंने कभी नहीं की थी। उन्होंने सरकार के प्रति संतोष जताते हुए यह आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार की यात्राओं का आयोजन जारी रहना चाहिए ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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