दिल्ली हिंसा और जंतर-मंतर प्रदर्शन: प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस सख्त दिल्ली एक दिन पहले 8
जंतर-मंतर पर हालिया विरोध प्रदर्शनों और दिल्ली हिंसा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री फैलाने वालों पर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है।

सोशल मीडिया पर सख्त निगरानी

राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन और हिंसा की घटनाओं के बीच दिल्ली पुलिस ने डिजिटल स्पेस में फैलाई जा रही आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए अभद्र टिप्पणी, अपशब्दों से भरी सामग्री और वीडियो वायरल किए गए थे। इन गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस की साइबर मॉनिटरिंग टीम ने मोर्चा संभाल लिया है और ऐसे भड़काऊ कंटेंट को चिन्हित करने का सिलसिला तेज कर दिया है।

आपत्तिजनक भाषा पर पुलिस की कार्रवाई

जांच में सामने आया है कि प्रदर्शनों के दौरान देश के प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों और भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया गया था। दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया निगरानी टीम ने इन सभी पोस्ट्स और वीडियो की बारीकी से पड़ताल की है। पुलिस ने न केवल ऐसे कंटेंट की पहचान की है, बल्कि संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को कड़े नोटिस भी जारी किए हैं। इन नोटिसों के माध्यम से पुलिस ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि ऐसी आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए ताकि माहौल खराब न हो।

हटाए गए भद्दे कमेंट्स और वीडियो

पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने अपनी वेबसाइटों और ऐप्स से प्रधानमंत्री से जुड़ी अपमानजनक टिप्पणियों और वीडियो को हटाना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल दुनिया में फैलाई जा रही नफरत और अभद्र भाषा के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित कंपनियों ने पुलिस के नोटिस का संज्ञान लेते हुए कई आपत्तिजनक पोस्ट को डाउन कर दिया है।

लगातार निगरानी कर रही है साइबर टीम

दिल्ली पुलिस की स्पेशल मॉनिटरिंग यूनिट ने अब ऑनलाइन गतिविधियों पर अपनी नजरें और भी तेज कर दी हैं। पुलिस टीम हर उस कंटेंट पर बारीकी से काम कर रही है जिसमें प्रधानमंत्री या अन्य संवेदनशील मुद्दों को लेकर उकसावे वाली भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। पुलिस केवल पोस्ट हटाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इन विवादित पोस्ट्स के मूल स्रोत और इन्हें फैलाने वाले नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है। कानून के दायरे में रहकर ऐसी सामग्री को पूरी तरह से हटाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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