बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर, आरजेडी के कद्दावर नेता मृत्युंजय तिवारी थामेंगे बीजेपी का हाथ बिहार एक महीने पहले 45
राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व प्रवक्ता और लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले मृत्युंजय तिवारी जल्द ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं, जिससे पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

बीजेपी में जाने की तैयारी में मृत्युंजय तिवारी

बिहार के सियासी गलियारों में इन दिनों हलचल तेज है। लंबे समय तक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का प्रमुख चेहरा रहे और पार्टी के प्रवक्ता की भूमिका निभाने वाले मृत्युंजय तिवारी अब जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के आलाकमान के साथ उनकी बातचीत का दौर अंतिम पड़ाव पर है। माना जा रहा है कि बहुत जल्द ही उन्हें विधिवत रूप से भगवा दल की सदस्यता दिलाई जाएगी।

क्यों छोड़ा आरजेडी का साथ

मृत्युंजय तिवारी ने बीते 16 जुलाई को राष्ट्रीय जनता दल से अपना इस्तीफा सौंपा था। पार्टी से अलग होने का ऐलान करते वक्त उन्होंने अपनी पीड़ा भी साझा की थी। उन्होंने संगठन के भीतर लगातार हो रही उपेक्षा और काम करने के तौर तरीकों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, जिन पर अब विराम लगता दिख रहा है। यह स्पष्ट हो गया है कि वह भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले अपनी अगली राजनीतिक पारी की शुरुआत करने की तैयारी में हैं।

लालू परिवार के रहे हैं भरोसेमंद

मृत्युंजय तिवारी को लालू प्रसाद यादव के सबसे विश्वस्त नेताओं में से एक माना जाता रहा है। टीवी चैनलों की बहस हो या फिर मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष रखना, वह आरजेडी की आवाज बनकर हमेशा मजबूती से खड़े रहते थे। खुद मृत्युंजय तिवारी ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी उन्हें हमेशा अपना मानते रहे हैं और उन्हें पूरा सम्मान दिया है। हालांकि, पार्टी में बीते कुछ समय से उन्हें हाशिए पर धकेला जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने यह कड़ा निर्णय लिया।

आरजेडी के लिए बड़ा नुकसान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मृत्युंजय तिवारी का जाना आरजेडी के लिए एक बड़ा झटका है। वह पार्टी के उन चुनिंदा चेहरों में से थे, जो हर मंच पर लालू यादव की विचारधारा का बचाव करते थे। अब उनके बीजेपी में जाने से आरजेडी को न केवल सांगठनिक बल्कि प्रचार के मोर्चे पर भी नुकसान झेलना पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें उस दिन पर टिकी हैं जब वह आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर अपनी नई भूमिका की घोषणा करेंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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