बिहार
एक महीने पहले
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विचारों
आरजेडी के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान
बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले उलटफेर का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लिए शुक्रवार का दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि पार्टी के सबसे पुराने और भरोसेमंद चेहरों में से एक मृत्युंजय तिवारी ने आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ले ली है। मृत्युंजय तिवारी लंबे समय तक आरजेडी के प्रमुख प्रवक्ता के तौर पर काम करते रहे हैं और टीवी डिबेट्स से लेकर सार्वजनिक मंचों तक पार्टी का पक्ष पूरी मजबूती के साथ रखते आए हैं।
बीजेपी कार्यालय में हुआ सदस्यता ग्रहण समारोह
मृत्युंजय तिवारी के बीजेपी में शामिल होने का कार्यक्रम पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित किया गया। उन्हें औपचारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दिलाई। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक मिलन के दौरान बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मंगल पांडे भी विशेष रूप से वहां उपस्थित थे। मृत्युंजय तिवारी के साथ आरजेडी के कई अन्य स्थानीय नेताओं ने भी अपने पुराने दल का साथ छोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ने का फैसला लिया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मृत्युंजय तिवारी का दल परिवर्तन आरजेडी के लिए एक बड़ा झटका है। वे लालू यादव के काफी करीबी माने जाते थे और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। ऐसे समय में जब राज्य विधानसभा चुनावों की आहट सुनाई दे रही है, आरजेडी के वरिष्ठ प्रवक्ताओं और नेताओं का पार्टी से बाहर जाना संगठन की आंतरिक स्थिति पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बीजेपी उन्हें आने वाले चुनाव में क्या बड़ी जिम्मेदारी सौंपने वाली है, लेकिन उनके आने से पार्टी का मीडिया और प्रवक्ता तंत्र निश्चित रूप से और अधिक सशक्त हुआ है।
लगातार अपडेट हो रही है स्थिति
यह घटनाक्रम बिहार के सियासी घटनाक्रम में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। जैसे-जैसे इस विषय पर नई जानकारियां सामने आ रही हैं, हम इस घटनाक्रम से जुड़ी हर बारीकी आप तक पहुँचा रहे हैं। आप हमारे साथ बने रहिए ताकि आपको इस दल-बदल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट सबसे पहले मिल सके। आने वाले दिनों में और भी नेताओं के पाला बदलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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