बिहार
10 घंटे पहले
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बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम कसते हुए एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देश पर इस दफा 10 अंचल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं, जिनमें अंजली कुमारी समेत कई नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, अंचल अधिकारी अंजली कुमारी को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। इससे पहले सोनी कुमारी नामक एक अंचल अधिकारी को भी बर्खास्त करने की सिफारिश की जा चुकी है। विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
किन अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई
- अंजली कुमारी (निलंबित सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी) – वर्ष 2021 से बिना सूचना ड्यूटी से गायब और नोटिस का जवाब नहीं देने के आरोप में नौकरी से बर्खास्त करने की सिफारिश।
- कुमारी आंचल (अंचल अधिकारी, छपरा) – सूचना आयोग का 25 हजार का जुर्माना नहीं भरने पर निंदा प्रस्ताव (आधिकारिक फटकार)।
- अविनाश कुमार (तत्कालीन CO, बोधगया) – सरकारी जमीन के गलत दाखिल-खारिज और रिटायर्ड कर्मचारी से काम कराने पर 1 साल वेतन वृद्धि पर रोक।
- रविन्द्र कुमार चौपाल (CO, अस्थांवा) – एक ही जमीन की दोहरी जमाबंदी सुधारने में देरी पर निंदा प्रस्ताव।
- राकेश कुमार (तत्कालीन CO, गोपालगंज) – म्यूटेशन आवेदन गलत तरीके से रिजेक्ट करने पर निंदा प्रस्ताव और चार्जशीट।
- ज्ञानानन्द (तत्कालीन CO, मोकामा) – नियमों के विरुद्ध दाखिल-खारिज पास करने पर कड़ी चेतावनी और चार्जशीट।
- केशिका कुमारी (CO, मधेपुरा) – ऑनलाइन दाखिल-खारिज में गड़बड़ी पर चार्जशीट जारी।
- राज नारायण राजा (CO, हथुआ, गोपालगंज) – सरकारी आदेश न मानने और फाइलें लटकाने पर चार्जशीट जारी।
- राम कुमार रमण (तत्कालीन CO, आमस, गया) – एक ही जमीन दो लोगों के नाम कर देने पर विभागीय जांच शुरू।
- संजीव कुमार (तत्कालीन CO, फारबिसगंज) – सरकारी जमीन की फाइल महीनों दबाए रखने पर चार्जशीट जारी।
अब तक 42 सीओ पर कार्रवाई
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इससे पहले 32 अंचल अधिकारियों पर अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इस तरह अब तक कुल 42 अंचल अधिकारियों पर शिकंजा कसा जा चुका है। यह सारी कार्रवाई भ्रष्टाचार, अनियमितता और कामकाज में लापरवाही जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर की गई है।
भ्रष्टाचार पर सरकार का सख्त रुख
मंत्री दिलीप जायसवाल ने साफ संकेत दिया है कि भूमि और राजस्व विभाग में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लगातार हो रही कार्रवाई से जाहिर है कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अंचल अधिकारियों पर हुई कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है। कई जिलों में अधिकारी अब सतर्क हो गए हैं और फाइलों की दोबारा जांच का सिलसिला शुरू कर दिया गया है।
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