बिहार
7 घंटे पहले
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बिहार के छपरा स्थित जयप्रकाश विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को उस वक्त अफरातफरी फैल गई, जब कुलपति प्रो. (डॉ.) परमेंद्र कुमार बाजपेई पर कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने मोबिल फेंक दिया। यह घटना विश्वविद्यालय के पार्किंग क्षेत्र के पास हुई, जिसके बाद पूरे कैंपस में तनावपूर्ण माहौल बन गया और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुलपति अपने नियमित कामकाज में व्यस्त थे, तभी अचानक कुछ लोग वहां पहुंचे और उन पर मोबिल फेंककर मौके से फरार हो गए। पूरी घटना इतनी तेजी से घटी कि वहां मौजूद कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तत्काल हालात को संभाल नहीं सके। हालांकि बाद में कुलपति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच, खंगाली जा रही सीसीटीवी फुटेज
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल विश्वविद्यालय परिसर पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही हमलावरों की पहचान के लिए कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल लोगों को जल्द चिन्हित कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताया
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे सुरक्षा में गंभीर चूक करार दिया है। प्रशासन ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करती हैं। साथ ही कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का आश्वासन भी दिया गया है। शिक्षकों और कर्मचारियों में इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
पहले भी निशाने पर रहे हैं शीर्ष अधिकारी
यह पहला मौका नहीं है जब जेपीयू में शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाया गया हो। इससे पूर्व पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) डी.के. गुप्ता पर भी इसी तरह मोबिल फेंकने की घटना हो चुकी है। इतना ही नहीं, एक अन्य पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) जितेंद्र सिंह पर कैंपस में जूता फेंके जाने का मामला भी सामने आ चुका है। लगातार घट रही ऐसी घटनाओं ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैंपस में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों में जबरदस्त नाराजगी है। सभी ने एक स्वर में इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिसर की सुरक्षा को लेकर अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ा बदलाव किया जा सकता है।
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