बिहार स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन: LNJP अस्पताल के 3 डॉक्टरों को थमाया गया शो-कॉज नोटिस बिहार एक महीने पहले 57
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के औचक निरीक्षण के बाद लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में बड़ी कार्रवाई हुई है। तीन डॉक्टरों को अनियमितताओं के चलते नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है।

अस्पताल में दिखी लापरवाही पर सख्त सरकार

बिहार में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को सुधारने के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य के अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने के उनके अभियान के तहत अब राजधानी पटना स्थित लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल, जिसे संक्षेप में LNJP कहा जाता है, के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर अस्पताल के तीन डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।

7 जुलाई को किया गया था निरीक्षण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बीते 7 जुलाई को LNJP अस्पताल का औचक दौरा किया था। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल के कामकाज की गुणवत्ता, डॉक्टरों की कार्यशैली, अस्पताल में उनकी उपस्थिति और वहां भर्ती मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता को जांचना था। इस दौरान मंत्री ने स्वयं कई स्तरों पर खामियां पाईं, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू हुई और अंततः इन तीन चिकित्सकों पर कार्रवाई का फैसला लिया गया।

इन डॉक्टरों पर लगे ये गंभीर आरोप

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस में तीनों डॉक्टरों के खिलाफ अलग-अलग तरह की अनियमितताओं का जिक्र किया गया है, जो इस प्रकार हैं:

  • डॉ. श्याम किशोर: इन पर सबसे गंभीर आरोप मरीजों को सरकारी अस्पताल में इलाज देने के बजाय उन्हें अपने निजी क्लिनिक पर भेजने का है। यह सरकारी नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।
  • डॉ. राजकिशोर रौशन: निरीक्षण के दौरान ये चिकित्सक अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। अस्पताल के कार्य घंटों के दौरान उनकी अनुपस्थिति को अनुशासनहीनता के दायरे में रखा गया है।
  • डॉ. अमरनाथ प्रसाद: इन पर आरोप है कि वे वार्ड में नियमित राउंड लेने में लापरवाही बरत रहे थे। साथ ही, मरीजों की स्थिति की समुचित निगरानी न करने को लेकर भी इन्हें दोषी माना गया है।

सात दिनों में देना होगा स्पष्टीकरण

स्वास्थ्य विभाग ने इन तीनों डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जारी किए गए शो-कॉज नोटिस का जवाब सात दिनों के भीतर विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि डॉक्टरों द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो भविष्य में उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जवाबदेही तय करने का प्रयास

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का यह कदम स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था सुधारने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच जवाबदेही तय होगी। सरकार का यह भी कहना है कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की कोताही, ड्यूटी से गायब रहना या मरीजों को बाहर निजी क्लिनिकों में रेफर करने जैसी शिकायतों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इसी तरह का औचक निरीक्षण और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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