शादी के अगले ही दिन सुदिति भूषण बनीं अधिकारी, मांग में सिंदूर सजते ही घर आई BPSC परीक्षा में सफलता की बड़ी खुशखबरी बिहार एक महीने पहले 48
बिहार की सुदिति भूषण ने शादी के ठीक अगले दिन 70वीं BPSC परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर राज्य कर सहायक आयुक्त का पद प्राप्त किया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है।

कहते हैं कि जब आपकी मेहनत सच्ची हो, तो किस्मत भी आपका साथ देने में कोई कसर नहीं छोड़ती। ऐसा ही कुछ बिहार की सुदिति भूषण के साथ हुआ है, जिनकी जिंदगी में खुशियों ने एक साथ दस्तक दी है। सुदिति की शादी के ठीक अगले ही दिन जब परीक्षा का परिणाम आया, तो उनके मायके और ससुराल दोनों परिवारों की खुशियां दोगुनी नहीं बल्कि चौगुनी हो गईं। 70वीं BPSC परीक्षा के घोषित परिणामों में सुदिति भूषण ने शानदार सफलता हासिल करते हुए राज्य कर सहायक आयुक्त (State Tax Assistant Commissioner) का महत्वपूर्ण पद हासिल किया है। इस दोहरी खुशी के बाद सुदिति की सफलता की कहानी इस समय पूरे बिहार में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे एक बेहद सुखद संयोग मान रहे हैं।

शादी के मंडप से सीधे प्रशासनिक सेवा के नए शिखर तक

मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के बड़का डुमरा गांव की रहने वाली सुदिति भूषण की शादी 19 जून को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले सौरभ श्रीवास्तव से हुई थी। सौरभ खुद भी प्रशासनिक सेवा का हिस्सा हैं और वर्तमान में कार्यपालक दंडाधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शादी की रस्में अभी पूरी ही हुई थीं और घर में उत्सव का माहौल था कि अगले ही दिन यानी 20 जून को BPSC परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित हो गया। इस परीक्षा परिणाम में सुदिति ने न केवल सफलता पाई, बल्कि राज्य कर सहायक आयुक्त जैसे प्रतिष्ठित पद पर अपना कब्जा जमा लिया। मांग में सिंदूर सजते ही करियर की इतनी बड़ी कामयाबी मिलना पूरे परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। जब सुदिति के ससुराल और मायके वालों को इस बात का पता चला, तो पूरे घर में मिठाइयां बांटी जाने लगीं। शादी के मंडप की खुशियां अभी थमी भी नहीं थीं कि सुदिति के अधिकारी बनने की खबर ने उत्सव के रंग को दोगुना कर दिया। सौरभ श्रीवास्तव के परिवार में भी अपनी नई बहू की इस बड़ी कामयाबी को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी, पहले भी रच चुकी हैं इतिहास

सुदिति भूषण के लिए प्रशासनिक सेवा में जाने का यह पहला अनुभव नहीं है। इससे पहले भी वह अपनी योग्यता साबित कर चुकी हैं। उन्होंने 64वीं BPSC परीक्षा में भी सफलता का परचम लहराया था, जिसमें उन्होंने पूरे राज्य में 486वीं रैंक हासिल की थी। उस समय उन्हें अंचल अधिकारी (CO) का पद मिला था। वर्तमान समय में सुदिति बक्सर जिले में चकबंदी पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। अक्सर देखा जाता है कि एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद कई लोग संतोष कर लेते हैं और आगे की तैयारी छोड़ देते हैं। लेकिन सुदिति के मामले में ऐसा नहीं था। बक्सर में चकबंदी पदाधिकारी के पद पर काम करते हुए उनके पास जिम्मेदारियों का बड़ा बोझ था। इसके बावजूद, उन्होंने अपने बड़े लक्ष्य यानी राज्य कर सहायक आयुक्त के पद को पाने के लिए हर दिन समय निकाला। ऑफिस के काम के बाद थकावट होने पर भी वह देर रात तक पढ़ाई किया करती थीं। उनकी इसी निष्ठा और कठिन परिश्रम ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है।

पटना से हुई शुरुआती पढ़ाई और प्रशासनिक सेवा का सपना

सुदिति की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत रही है। उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा पटना के प्रसिद्ध सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल से पूरी हुई। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने पटना वीमेंस कॉलेज का रुख किया, जहां से उन्होंने भूगोल विषय में प्रतिष्ठा (Geography Honours) के साथ स्नातक की डिग्री प्राप्त की। सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल और पटना वीमेंस कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने के दौरान ही सुदिति ने तय कर लिया था कि उन्हें लोक सेवा में ही अपना करियर बनाना है। भूगोल ऑनर्स की पढ़ाई के दौरान उन्होंने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझा और खुद को इसके योग्य बनाने के लिए निरंतर अभ्यास किया। उनकी इस सफलता ने उनके स्कूल और कॉलेज का नाम भी रोशन किया है और वह छात्र जीवन से ही अपने लक्ष्य पर लगातार काम कर रही थीं।

सफलता के पीछे एक शिक्षित और प्रेरणादायक परिवार का हाथ

सुदिति की इस शानदार सफलता में उनके परिवार की पृष्ठभूमि और सकारात्मक माहौल का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। उनका पूरा परिवार शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। सुदिति के पिता डॉ. कृष्ण भूषण प्रसाद SBI से एक सेवानिवृत्त अधिकारी के रूप में समाज में अपनी पहचान रखते हैं, जबकि उनकी माता डॉ. निभा श्रीवास्तव आकाशवाणी पटना में एक लोकप्रिय उद्घोषिका रह चुकी हैं। इतना ही नहीं, सुदिति की बड़ी बहन मेधा भूषण के पति वर्ष 2019 बैच के IPS अधिकारी हैं, जो देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था में अपना योगदान दे रहे हैं। वहीं, सुदिति के छोटे भाई सत्यम भूषण श्रीवास्तव चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बना रहे हैं और वर्तमान में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में घर के भीतर मौजूद पढ़ाई और सफलता के माहौल ने सुदिति को हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

युवाओं और महिला अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी मिसाल

शादी के बंधन में बंधने और करियर के सर्वोच्च मुकाम पर पहुंचने की यह दोहरी खुशी आज बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। सुदिति भूषण की यह कहानी उन सभी महिला अभ्यर्थियों को एक मजबूत संदेश देती है जो पारिवारिक जिम्मेदारियों और करियर के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। सुदिति ने यह साबित कर दिया है कि यदि आपके पास स्पष्ट लक्ष्य हो, मेहनत में ईमानदारी हो और परिवार का सकारात्मक सहयोग मिले, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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