बिहार
एक घंटा पहले
2
विचारों
डेहरी में सनसनीखेज हत्या की वारदात
डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की नृशंस हत्या की घटना ने पूरे बिहार में प्रशासनिक हलकों और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। रविवार का दिन इस दुखद घटना और उसके बाद मचे बवाल के नाम रहा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के 6 घंटे के भीतर ही इस मामले का खुलासा कर दिया और आरोपी ड्राइवर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। हालांकि, मृतक की पत्नी द्वारा स्थानीय विधायक पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने मामले को एक नया और पेचीदा मोड़ दे दिया है।
घटना का पूरा घटनाक्रम: 10 बिंदुओं में समझें
इस पूरे मामले की कड़ियों को समझने के लिए नीचे दी गई 10 अहम बातों पर गौर करना आवश्यक है:
- घटना की शुरुआत: शनिवार की रात को ईओ विमल कुमार डेहरी में आयोजित 'एक शाम शहीदों के नाम' कार्यक्रम में शामिल होकर वापस पटना की ओर लौट रहे थे।
- हत्या की जगह: औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में स्थित धनौती पुल के पास अज्ञात बदमाशों ने रास्ते में ही ईओ को रोककर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।
- पुलिस का बड़ा खुलासा: आईजी विकास वैभव के अनुसार, हत्या के आरोपी ड्राइवर मिथिलेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह ड्यूटी के भारी तनाव से बेहद परेशान और नाराज था।
- हमले का तरीका: रास्ते में हुई कहासुनी के बाद ड्राइवर मिथिलेश ने गाड़ी में रखी रॉड से विमल कुमार के सिर पर जोरदार वार किए, जिससे उनकी जान चली गई।
- झूठी कहानी का पर्दाफाश: हत्या को अंजाम देने के बाद ड्राइवर ने खुद को बचाने के लिए अपराधियों द्वारा हमले की एक मनगढ़ंत और झूठी कहानी पुलिस को सुनाई थी, लेकिन जांच में वह टिक नहीं सकी।
- पत्नी के गंभीर आरोप: सासाराम पहुंचने पर मृतक की पत्नी बबीता कुमारी ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर पति को लगातार प्रताड़ित करने और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का संगीन इल्जाम लगाया।
- एफआईआर में विरोधाभास: हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस द्वारा दर्ज किए गए फर्द बयान और बारुण थाने में दर्ज प्राथमिकी में विधायक का नाम कहीं नहीं है। इसमें केवल ड्राइवर और अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। वहीं, बाद में पटना में पत्नी ने अपने ही रंगदारी वाले बयान से पलटी मार ली।
- नार्को टेस्ट की मांग: पत्नी बबीता कुमारी का अब भी मानना है कि केवल ड्राइवर अकेले इस बड़ी साजिश को अंजाम नहीं दे सकता। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि इस मामले के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब करने के लिए दोषियों का नार्को टेस्ट करवाया जाए।
- विधायक का बचाव: लोजपा (RV) विधायक सोनू सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें बदनाम किया जा रहा है और वे हर प्रकार की जांच में पुलिस को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
- राजनीतिक पृष्ठभूमि: विधायक सोनू सिंह का ईओ विमल कुमार के साथ पहले भी वैचारिक मतभेद रहा है। विधायक ने इससे पहले विधानसभा के पटल पर भी 50 लाख रुपये के भवन को 3 करोड़ रुपये के कार्यालय में तब्दील करने और अन्य स्थानीय विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए थे।
अंतिम विदाई और प्रशासनिक विरोध
इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में राज्य भर के प्रशासनिक अधिकारियों में भारी आक्रोश था। उन्होंने काम का बहिष्कार करने का ऐलान भी कर दिया था, जिसे बाद में सरकार के सचिव द्वारा दिए गए उचित आश्वासन के बाद वापस ले लिया गया। रविवार की शाम को पटना के दीघा घाट पर विमल कुमार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। पुलिस अब आगे की विस्तृत जांच में जुटी है ताकि मामले के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।
Comments
0 comment