मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे से राजद में हलचल, तेजस्वी यादव की टीम पर उठे गंभीर सवाल बिहार एक महीने पहले 45
राजद के दिग्गज प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम ने पार्टी के भीतर मचे आंतरिक घमासान और नेतृत्व की कार्यशैली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजद की मीडिया रणनीति के प्रमुख चेहरे का इस्तीफा

राष्ट्रीय जनता दल के सबसे मुखर प्रवक्ताओं में गिने जाने वाले मृत्युंजय तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा देकर सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। पिछले कई दशकों से लालू प्रसाद यादव की विचारधारा और पार्टी की नीतियों को आक्रामक तरीके से मीडिया के सामने रखने वाले मृत्युंजय तिवारी की गिनती पार्टी के सबसे भरोसेमंद चेहरों में होती रही है। उनका यूं अचानक पद छोड़ना राजद के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

तेजस्वी की कोटरी और अंदरूनी कलह

मीडिया के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए मृत्युंजय तिवारी ने जिस तरह के संकेत दिए हैं, वे पार्टी की वर्तमान स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनकी यह व्यथा वैसी ही है जैसी पूर्व में तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य की रही है। इससे स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर एक खास खेमे या कोटरी के प्रभाव को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। राजद में लंबे समय तक प्रभावी ढंग से पक्ष रखने वाले नेता का इस तरह सार्वजनिक रूप से पीड़ा जाहिर करना यह दर्शाता है कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और संगठन में बदलाव की मांग जोर पकड़ रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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